फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

40 महीने में बनकर तैयार होगा पीजीआई सेटेलाइट सेंटर

Thu, 07 Mar 2019 03:17 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल के लोगों को अब प्रदेश में ही विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। ऊना में 500 करोड़ रुपये से बनने वाले पीजीआई सेटेलाइट सेंटर की वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नींव रखी।

विज्ञापन


इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव रखने  के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ये स्वास्थ्य संस्थान चालीस महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। 300 बिस्तरों की क्षमता वाले सेंटर में पीजीआई चंडीगढ़ की ओर से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

इसमें वर्ल्ड क्लास ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू स्थापित होंगे। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पीजीआई सेटेलाइट सेंटर खुलने से राज्य के लोगों को विशेष स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने के लिए पीजीआई नहीं जाना पड़ेगा। 
विज्ञापन



 

विज्ञापन

अच्छे दिनों का इंतजार खत्म हो चुका है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि देश बदल नहीं रहा है, बल्कि देश बदल चुका है और अच्छे दिनों का इंतजार खत्म हो चुका है। केंद्र से हजारों करोड़ की योजनाएं दी जा रही हैं। इन्हें प्रदेश सरकार जमीन पर उतार रही है।

इसके अलावा 1352 करोड़ से बिलासपुर में प्रस्तावित एम्स का निर्माण अगले दो वर्षों में पूरा हो जाएगा। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र से करोड़ों की मदद दी जा रही है, ताकि राज्य के लोगों को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 14.50 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं, जो देश की लगभग 50 करोड़ आबादी को कवर कर रहा है।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक रुपये पर बीमा कवर प्रदान करने के लिए देश के जनता के लिए आयुष्मान भारत योजना आरंभ की है।

इसमें 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होगा। राज्य सरकार ने उन परिवारों को बीमा कवर प्रदान करने के लिए हिम केयर योजना भी शुरू की है जो आयुष्मान भारत योजना से छूट गए।

2019- 20 के बजट में राज्य सरकार ने पुरानी एवं गंभीर बीमारी के रोगियों के लिए सहारा योजना शुरू की है, जिसके तहत प्रति माह 2000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें