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सुबह के वक्त तेज सिर दर्द और उल्टी आए तो हो सकती है ये बीमारी

Sat, 08 Jun 2019 01:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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सुबह के वक्त रोजाना सिर दर्द या उल्टी का मन करें तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं। यह लक्षण ब्रेन ट्यूमर के भी हो सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर खतरनाक बीमारी मानी जाती है लेकिन अब इसके उपचार की तकनीकें भी काफी एडवांस हो चुकी हैं। यह बीमारी सिर्फ  मस्तिष्क को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि इसका असर पूरे शरीर पर होता है। मस्तिष्क ही पूरे शरीर को संचालित करता है।

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डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इसका इलाज जरूरी है। यह बात आईजीएमसी के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरसी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि अगर किसी मरीज को सुबह के समय तेज सिर दर्द और उल्टी होती है तो यह ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं।

विभागाध्यक्ष ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर एक आम बीमारी है। यह दिमाग के किसी भी हिस्से में तैयार हो जाता है इसलिए इस बीमारी का जल्दी पता लगने से ऑपरेशन के माध्यम से मरीज को बचाया जा सकता है। बताया कि ट्यूमर एक साल में 1 सेंटीमीटर और अगले वर्ष तक 2 सेंटीमीटर तक बढ़ जाता है। इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि यह दिमाग में एक छोटे आलू की तरह हो जाता है। दूरबीन और कूसा मशीन की मदद से इस बीमारी का ऑपरेशन किया जाता है।

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आठ जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस है। इस उपलक्ष्य पर इस बीमारी से बचाव को लेकर वार्ड में दाखिल मरीजों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्रेन हमारे शरीर का अहम हिस्सा है। ऐसे में हमें ब्रेन से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा सीटी और एमआरआई की जांच से भी ब्रेन ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है। हमारा ब्रेन सेल्स से बना होता है। ऐसे में जब भी किसी कारण से ब्रेन का सेल्स का नियंत्रण बिगड़ने लगता है तो यह खत्म होने लगते हैं। इसके बाद ब्रेन के काम में रुकावट पैदा हो जाती है। 
 
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण 
ब्रेन ट्यूमर दिमाग के किसी भी हिस्से में तैयार हो जाता है। इसमें मरीज को सिर दर्द, देखने में समस्या, एक व्यक्ति दो हिस्सों में दिखना, जुबान का बंद हो जाना, अधरंग हो जाना और सुनना कम होना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। लेकिन बीमारी का पता टेस्ट रिपोर्ट से ही चलता है।
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ब्रेन का कैंसर भी है खतरनाक

अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन कैंसर के करीब सौ मरीजों के ऑपरेशन एक साल के भीतर न्यूरो सर्जरी विभाग  करता है। इनमें ब्रेन कैंसर के 60 फीसदी मरीज होते हैं। ब्रेन ट्यूमर के 40 फीसदी मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। इनमें ब्रेन कैंसर के 5 से 10 फीसदी मरीजों की इलाज के बाद अस्पताल में मौत भी हो जाती है। 
 
ब्रेन कैंसर भी घातक
डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन कैंसर चार स्टेज में होता है। पहले और दूसरे स्टेज में मरीज को बचाया जा सकता है। लेकिन तीसरे और चौथे स्टेज में कैंसर मरीजों का उपचार काफी लंबा चलता है। इसमें मरीज की जान जाने का खतरा रहता है। पचास साल की उम्र से ऊपर के मरीजों में यह बीमारी अधिक पाई जाती है।
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