आठ जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस है। इस उपलक्ष्य पर इस बीमारी से बचाव को लेकर वार्ड में दाखिल मरीजों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्रेन हमारे शरीर का अहम हिस्सा है। ऐसे में हमें ब्रेन से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा सीटी और एमआरआई की जांच से भी ब्रेन ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है। हमारा ब्रेन सेल्स से बना होता है। ऐसे में जब भी किसी कारण से ब्रेन का सेल्स का नियंत्रण बिगड़ने लगता है तो यह खत्म होने लगते हैं। इसके बाद ब्रेन के काम में रुकावट पैदा हो जाती है।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
ब्रेन ट्यूमर दिमाग के किसी भी हिस्से में तैयार हो जाता है। इसमें मरीज को सिर दर्द, देखने में समस्या, एक व्यक्ति दो हिस्सों में दिखना, जुबान का बंद हो जाना, अधरंग हो जाना और सुनना कम होना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। लेकिन बीमारी का पता टेस्ट रिपोर्ट से ही चलता है।
अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन कैंसर के करीब सौ मरीजों के ऑपरेशन एक साल के भीतर न्यूरो सर्जरी विभाग करता है। इनमें ब्रेन कैंसर के 60 फीसदी मरीज होते हैं। ब्रेन ट्यूमर के 40 फीसदी मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। इनमें ब्रेन कैंसर के 5 से 10 फीसदी मरीजों की इलाज के बाद अस्पताल में मौत भी हो जाती है।
ब्रेन कैंसर भी घातक
डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन कैंसर चार स्टेज में होता है। पहले और दूसरे स्टेज में मरीज को बचाया जा सकता है। लेकिन तीसरे और चौथे स्टेज में कैंसर मरीजों का उपचार काफी लंबा चलता है। इसमें मरीज की जान जाने का खतरा रहता है। पचास साल की उम्र से ऊपर के मरीजों में यह बीमारी अधिक पाई जाती है।