रोहतांग दर्रा यातायात के लिए बंद हुए दो सप्ताह हो चुका है। पैदल कदमताल करने वालों के लिए सुरक्षा के लिए कोकसर और मढ़ी में प्रशासन ने बचाव दल तैनात किए हैं। जहां पर रोहतांग दर्रा पैदल पार करने वालों को अपना पंजीकरण करवाना होता है। इसके बाद रेस्क्यू टीम उन्हें रोहतांग पार करवाने में सहायता करती है। लेकिन गुरुवार को बीआरओ के दो मजदूरों ने कोकसर बचाव चौकी में नाम दर्ज किए बिना ही रोहतांग दर्रा पर करने का साहस किया। दोनों रोहतांग भी सकुशल पहुंच गए, लेकिन उनकी मुश्किलें तब बढ़ गईं।
जब वे रोहतांग से नीचे उतरने के बाद रास्ता भटक गए। ऐसे में उनकी जान पर बन आई। हड्डियां जमा देने वाली ठंड उनके लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में मढ़ी बचाव चौकी का रेस्क्यू दल उनके लिए फरिश्ता बनकर सामने आया। मजदूरों के रास्ता भटकने की सूचना जैसे ही मढ़ी बचाव दल की टीम को मिली तो टीम तुरंत रोहतांग दर्रा के लिए रवाना हुई। दोनों को रेस्क्यू कर मढ़ी पहुंचाया।
मढ़ी बचाव चौकी के प्रभारी शशिपाल ने कहा कि पर्वतारोहण संस्थान मनाली की ओर से सूचना मिली कि दो मजदूर रोहतांग पार कर राहनीनाला के आसपास रास्ता भटक गए हैं। उन्हें सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने दोनों मजदूरों को शाम को सुरक्षित मढ़ी पहुंचाया हुआ। मजदूरों के नाम सुनील और संजय हैं। उन्होंने सभी पैदल यात्रियों से अपील की है कि बिना पंजीकरण किए और खराब मौसम के बीच रोहतांग पर कदमताल करने की कोशिश न करें। अन्यथा मुश्किलें आ सकती है।