मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित बनाया जाए और सरकार लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा और निविदाओं में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम मंगलवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
ठाकुर ने कहा कि मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर माह कम से कम दो सड़कों, एक पुल और एक भवन परियोजना का दौरा कर प्रगति का निरीक्षण कर सरकार को रिपोर्ट भेजनी चाहिए। इससे जहां परियोजनाओं के कार्य में तेजी आएगी, वहीं गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। विभाग के कुछ कार्यों में गुणवत्ता में कमी पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का आकलन करने के बिना अदायगी नहीं की जाए।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वित्त वर्ष प्रदेश की 230 बस्तियों में 4960 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण के लिए 1666 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में छूट के बाद 1428 सड़कों, पुलों और भवन निर्माण परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है जिससे लगभग 16,450 श्रमिक लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की तर्ज पर इस वित्त वर्ष के दौरान पांच वर्षों की मरम्मत के लिए पायलट आधार पर 10 करोड़ रुपये तक की लागत वाले कार्यों को ठेके के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियांत्रिकी की खरीद और निर्माण के तहत लिया जाएगा।