हिमाचल कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में 23 मई को होगी। बैठक में लॉकडाउन-4 में बसों के संचालन को लेकर फैसला संभव है। इस संबंध में मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी चर्चा हुई, लेकिन अभी बसें चलाने पर सहमति नहीं बन पाई है। इस बारे में परिवहन विभाग और अन्य विभागों की ओर से 23 मई को कैबिनेट में प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद ही इस बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।
ड्राइवरों-कंडक्टरों को पीपीई किट देने की मांग
उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसें शुरू करने से पहले ड्राइवरों-कंडक्टरों के लिए पीपीई किट समेत सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई है। चालक-परिचालक यूनियन ने कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर को पत्र लिखा है। यूनियन के प्रधान संगठन मंत्री मान सिंह ठाकुर ने पत्र में लिखा है कि बसों को चलाने का फैसला लेने से पहले यात्रियों, चालकों व परिचालकों की सुरक्षा, खान-पान और रात्रि ठहराव के बारे में विस्तृत चर्चा के उपरांत ही कोई निर्णय लिया जाए। जो चालक-परिचालक मौजूदा दौर में बाहरी राज्य से यात्रियों को प्रदेश के भीतर ला रहे हैं, उन्हें भी पीपीई किट दी जाए।
यदि बसें चलाना शुरू की जा रही हैं तो बसों में सामाजिक दूरी को कैसे क्रियान्वयन करना है, यह भी तय किया जाए। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यदि सार्वजनिक परिवहन को चलाने का निर्णय बिना ठोस तैयारी लिया जाता है तो कोरोना महामारी प्रदेश में विकराल रूप धारण कर सकती है। बसें चलाने का फैसला लेने से पहले संयुक्त समन्वय समिति को भी बैठक में बुलाने की मांग की गई है। मान सिंह ने परिवहन निगम की मौजूदा आर्थिक हालत को देखते हुए प्रदेश सरकार से परिवहन निगम को हिमाचल रोडवेज में परिवर्तित करने की भी मांग की है।