उहल परियोजना का 2003 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
जोगिंद्रनगर में उहल तृतीय पन विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य 2003 में शुरू हुआ था। 2012 में परियोजना के पावर हाउस और जलाशय का निर्माण कार्य पूरा हुआ। टनल के निर्माण कार्य में आई समस्याओं के चलते विद्युत उत्पादन तय समय पर शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद मई 2020 में विद्युत उत्पादन के दौरान पैन स्टॉक फट गया और विद्युत उत्पादन की उम्मीदें टूट गई। इस हादसे में करीब एक हजार करोड़ की क्षति परियोजना प्रबंधन को हुई है। इसके बाद अब विद्युत उत्पादन के लिए चुल्हा स्थित पावर हाउस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। खुद्दर स्थित परियोजना की करीब एक लाख 76 हजार क्यूसिक मीटर पानी की क्षमता वाले जलाशय का भी तकनीकी कार्य पूरा हो गया है।
उहल तृतीय विद्युत परियोजना में आठ किलोमीटर एचआरटी और 1.76 लाख क्यूबिक मीटर पानी की क्षमता वाले जलाशय में जलभराव का कार्य पूरा हो गया है। 33.3 मेगावाट की पहली विद्युत टरबाइन में दिसंबर से विद्युत उत्पादन शुरू होगा। जनवरी में 33.3 की दो अन्य टरबाइनों के सफल परीक्षण के बाद 100 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा। -देवेंद्र कुमार, प्रबंध निदेशक, ब्यास वैली कार्पोरेशन