जानकारी के अनुसार रविवार रात चुराह में भारी बारिश हुई। मूसलाधार बारिश के चलते बाड़ा नाले में बाढ़ आ गई। इससे पानी का जलस्तर बढ़ गया और बना लकड़ी का पुल बह गया।
बता दें कि इस नाले पर बना पक्का पुल भी दो साल पहले बाढ़ में बह गया था। इसके स्थान पर लकड़ी का पुल बनाया गया था। मगर बाढ़ आने से अब यह पुल भी बह गया है।
इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्र्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है। वहीं सोमवार को भी लोगों और स्कूल के बच्चों ने नाले पर लकड़ियां रखकर बने पुल से गुजरने की कोशिश करते रहे। मगर पार करने में कामयाब नहीं हो पाए।
पंचायत प्रधान युनिस बेगम ने बताया कि खजुआ, बिहाली, खरातोट, चालान, टैण, बाड़ा, खंडोली, जंजोग और दडवास गांव का संपर्क पुल बहने से पूरी तरह से कट चुका है।
उन्होंने घटना के बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त नाले पर लोगों की सहूलियत के लिए पक्का पुल बनाया जाए। जोकि बाढ़ आने पर न टूटे ।
एसडीएम चुराह हेमचंद वर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द ही राजस्व टीम को मौका करने के लिए भेजा जाएगा। साथ ही नाले पर पुल बनाने को लेकर भी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।