शहर में नगर निगम चुनाव के लिए लगने वाले राजनीतिक दलों के पोस्टर और बैनर चिह्नत स्थानों पर ही लगाए जा सकेंगे। नगर निगम की ओर से चिह्नत किए गए स्थानों पर ही प्रचार के लिए पोस्टर और बैनर लगाने की अनुमति होगी। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा मनमर्जी से सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर और बैनर चिपकाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को मजिस्ट्रेट से अतिक्रमण और देनदारियां न होने का शपथ-पत्र सत्यापित करना होगा। प्रत्याशी को पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए संबंधित पार्टी की तरफ से जारी स्वीकृति पत्र पेश करना होगा।
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की
नगर निगम चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की निगरानी के लिए चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। निर्वाचन व्यय प्रेक्षक प्रचार अवधि के दौरान हर अभ्यर्थी के व्यय रजिस्टर का कम से कम दो बार निरीक्षण करेगा। बाद में उपरोक्त निरीक्षण की रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी सह आयुक्त को भेजेंगे। चुनाव के मद्देनजर 9 अप्रैल से पहले शहर से सरकारी योजनाओं से संबंधित पोस्टर हटाने के भी राज्य चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी 1 लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इससे अधिक व्यय करने पर प्रत्याशी की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।
वार्डों को पांच भागों में बांटा
प्रत्याशियों के चुनावी खर्च के लिए शहर के 34 वार्डों को पांच भागों में बांटा है। इसके लिए पांच व्यय पर्यवेक्षक लगाए हैं। इसमें 1 से 7 वार्ड के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के संयुक्त नियंत्रक मस्त राम को व्यय पर्यवेक्षक लगाया है। इसी तरह 8 से 14 वार्ड के लिए एड्स सोसायटी के उप नियंत्रक हमेंद्र कुमार, 15 से 21 वार्ड में हिप्पा से उपनियंत्रक दिवाकर शर्मा, 22 से 28 वार्ड में स्वास्थ्य विभाग से उप नियंत्रक अजय कुमार वर्मा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से उप नियंत्रक हर्ष ठाकुर को 29 से 34 वार्डों के लिए व्यय प्रक्षेक के रूप में नियुक्त किया है।