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Shimla News: अस्पताल बदला, परेशानी नहीं, गायनी ओपीडी शिफ्ट होने के बाद भटक रहीं महिलाएं

Tue, 16 Jun 2026 12:53 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट किए जाने के दो माह बाद भी महिलाओं की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। रोजाना 25 से 30 महिलाओं को उपचार के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
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केएनएच में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के दो माह बाद भी महिलाओं की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। महिलाओं को केएनएच में ओबीजी की पर्ची बनाने के बाद गायनी उपचार के लिए आईजीएमसी जाना पड़ता है। दरअसल महिलाओं को यह पता नहीं होता उनका किस विभाग में उपचार होना है। सोमवार को भी कमला नेहरू अस्पताल में आठ ऐसी महिलाएं उपचार के लिए पहुंचीं थीं जिन्होंने ओबीजी की पर्ची बनवाई थी लेकिन उपचार उनका गायनी का होना था। 25-30 ऐसी महिलाएं हर रोज केएनएच आती हैं जिन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी भेजा जा रहा है। इस कारण महिलाएं काफी परेशान हैं।
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महिला मरीजों को समझ नहीं आ रहा है कि वह उपचार करवाने के लिए केएनएच जाएं या फिर आईजीएमसी। ऐसे में महिलाएं दोनों अस्पतालों के चक्कर काट रही हैं और इधर-उधर धक्के खा रही हैं। सोमवार को 12 महिलाओं को पर्ची काउंटर से आईजीएमसी भेजा गया। इसके अलावा सोमवार होने के कारण अस्पताल में भीड़ भी थी। पर्ची काउंटर से करीब 121 ओबीजी विभाग की पर्ची बनाई गई। भीड़ होने के कारण देर शाम तक मरीज ओपीडी के बाहर कतार में लगे रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि गायनी और ओबीजी विभाग को अलग-अलग करना गलत है क्योंकि दोनों विभाग एक-दूसरे की पूरक हैं। कोई गर्भवती महिला गर्भ धारण करती है तो वह महिला आईजीएमसी जाती है। गर्भधारण के तीन महीने तक महिला का आईजीएमसी में जांच होती है और चौथे महीने से कमला नेहरू अस्पताल में ओबीजी विभाग में उनका उपचार होगा। इसी बीच कई महिलाओं को जब कोई परेशानी आती है तो फिर उसे आईजीएमसी में धक्के खाने पड़ रहे हैं। इससे महिलाएं काफी समस्या झेल रही हैं।
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महिलाएं बोलीं, दोनों विभाग केएनएच में चलाएं
चायल से जांच करवाने आई गर्भवती चारू ने बताया कि पहले वह उपचार के लिए कमला नेहरू अस्पताल आई थी। इसके बाद ओपीडी को आईजीएमसी में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद आईजीएमसी में उपचार करवाया। अब चौथा माह लगा है तो फिर आईजीएमसी से केएनएच भेज दिया है। ऐसे में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जुन्गा की ममता ने बताया कि उपचार के लिए उन्हें कई बार आईजीएमसी भेज दिया जाता है तो कभी केएनएच। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि सही में उपचार कहां मिलना है। दोनों विभागों को केएनएच में चलाया जाए।

कमला नेहरू अस्पताल में ओबीजी से संबंधित मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। अगर कोई गायनी मरीज आता है तो उसे आईजीएमसी भेजा जाता है। अस्पताल में सुचारू उपचार दिया जा रहा है। -सुंदर सिंह नेगी, चिकित्सा अधीक्षक, कमला नेहरू अस्पताल शिमला
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