इसके अलावा कंपनी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों और 22 अन्य कर्मियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। डॉक्टरों की टीम भी यह पता लगाने में जुटी हुई है कि महिला उद्यमी से कहीं ये लोग संक्रमित तो नहीं हुए हैं। 30 मार्च को परिवार की अन्य महिला अपने पति के साथ एक निजी अस्पताल में जांच के लिए पहुंची। इस दौरान उन्हें तेज बुखार था।
डॉक्टरों ने उन्हें दवाई देकर गेस्ट हाउस में क्वारंटीन रहने की सलाह दी। 31 मार्च को मृतक उद्यमी महिला अपने पति के साथ निजी अस्पताल में जांच के लिए पहुंची। उन्हें बीते पांच से छह दिनों से तेज बुखार था। डॉक्टरों ने उन्हें दवाई देकर गेस्ट हाउस में क्वारंटीन रहने की सलाह दी। 2 अप्रैल को महिला को निजी अस्पताल में दोबारा जांच के लिए लाया गया। इस दौरान उनका एक्स-रे किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बाद में महिला ने पीजीआई में दम तोड़ दिया। हालांकि उनकी कोविड-19 की रिपोर्ट आना बाकी है।
लेकिन डॉक्टरों ने मौखिक तौर पर महिला को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि कर दी है। मृतक महिला को पीजीआई ले जाने वाले चालक उन्हें छोड़कर वापस कंपनी में आ गया था। मृतक महिला को उपचार देने वाली निजी अस्पताल की नर्स को भी एहतियातन तौर पर आइसोलेट कर दिया गया है। 20 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कंपनी और अस्पताल में आने-जाने वाले सभी लोगों की पहचान की जा रही है। ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि कोई कोरोना से संक्रमित तो नहीं हुआ है।