एक महिला ने 3,52,584 रुपये का ऋण लिया। एक अन्य महिला ने 3,36,955 रुपये का लोन लिया था। सूत्रों की मानें तो सोने के गहनों पर हॉलमार्क की मुहर भी लगी थी।
जांच के बाद ही बैंक ने सोने के नाम पर लोन जारी किया, लेकिन बैंक के ऑडिट के दौरान सोना नकली पाया गया। बताया जा रहा है कि नकली आभूषणों पर सोने की मोटी परत चढ़ाई गई थी।
ऑडिट के दौरान बैंक की ओर से एक इंटरनल कमेटी बैठाई गई। इसमें एक्सपर्ट ने आभूषणों को नकली करार दिया। इसके बाद बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया। बैंक प्रबंधक ने सदर पुलिस थाना में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
उधर, डीएसपी बबिता राणा ने बताया कि विकास गौतम ने 5,86,904 और 4,69,133 रुपये का ऋण दो बार लिया गया। काजल चौधरी ने 3,52,584 रुपये और सुल्ताना ने 3,36,955 रुपये का बैंक से गोल्ड लोन लिया गया है। मामले की जांच चल रही है।