हिमाचल के कांगड़ा जिले के थरोट गांव की महिला की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। महिला अर्चना देवी ने धर्मशाला अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद बच्ची को जन्म दिया। बाद में महिला की हालत नाजुक बताते हुए उसे टांडा रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
महिला के पति नरेंद्र सिंह ने कहा कि 20 दिसंबर को शाम साढ़े आठ बजे उसकी पत्नी को दाखिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक के पास जाने के बाद उन्हें कहा गया कि बार-बार उनके पास मत आओ। आरोप लगाया कि उनकी पत्नी दर्द से कराहती रही लेकिन चिकित्सक ने मरीज को नहीं देखा।
सुबह तीन बजे वह फिर डाक्टर रूम में गया तो वहां चिकित्सक नहीं था। इसके बाद उपचार के दौरान नार्मल डिलीवरी हुई। नर्सों ने कहा कि महिला को टांडा ले जाओ। टांडा पहुंचते ही महिला की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि महिला की मौत के लिए चिकित्सक और नर्सें जिम्मेदार हैं।
महिला की शादी को एक साल चार महीने हुए थे। गांव के रोहित, अर्जुन, दीप, अजु, बिंदू, पिंकू, कंचन, सुरेश, परवीन, अनिल ने कहा कि इस लापरवाही के खिलाफ गांव के लोग धर्मशाला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
सीएमओ डा. बीएम गुप्ता ने कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान मौत कैसे हुई, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है। पीड़ित परिवार के घर जाकर भी जानकारी हासिल की जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का पता लग सके।