नगर निगम शिमला का कारनामा, संयुक्त आयुक्त को नोटिस जारी, फायर एनओसी भी नहीं ली
50 दुकानें खोल रखी हैं आजीविका भवन में अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में बिना नक्शे के बने शहरवासियों के मकानों पर हथौड़ा चलाने वाले शिमला नगर निगम ने खुद नक्शा पास करवाए बिना ही सात मंजिला आजीविका भवन खड़ा कर दिया।
यही नहीं, बिना कंपलीशन और फायर एनओसी के इस भवन में 150 से ज्यादा दुकानें भी खोल दीं और टैरेस पर पार्किंग बना दी। कृष्णानगर में ढहे चार मंजिला स्लॉटर हाउस की जांच के बीच यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नगर निगम की वास्तुकार शाखा ने शुरुआती जांच के बाद इस मामले में निगम के संयुक्त आयुक्त और अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर दिया है। आपदा के बीच 15 अगस्त को कृष्णानगर में बना नगर निगम का स्लॉटर हाउस जमींदोज हो गया था। इसके बाद स्लॉटर हाउस समेत शहर में नगर निगम के बनाए सभी भवनों की जांच चल रही है। इसी जांच के दौरान जब सर्कुलर रोड स्थित नगर निगम के सबसे बड़े प्रोजेक्ट की फाइल खंगाली गई तो पता चला कि इसका नक्शा अभी तक पास नहीं हुआ है। बिना नक्शा पास करवाए और कंपलीशन लिए ही इसे खोले जाने को लेकर नगर निगम प्रशासन भी सवालों में घिर गया है।
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6 करोड़ से बना है आजीविका भवन
केंद्र सरकार के चैलेंज फंड के तहत नगर निगम का आजीविका भवन करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2022 में ही इस भवन का उद्घाटन किया था। लेकिन उस समय इस भवन का न नक्शा पास था और न ही कोई एनओसी ली थी। आजीविका भवन में कुल 227 दुकानें हैं जिनमें से करीब 150 दुकानें ही अभी किराये पर दी हैं। टैरेस पर 50 वाहनों की पार्किंग बनी है।
सरकार ने दी थी मंजिलों की छूट
नगर निगम ने इस भवन को जो नक्शा बनाया था उसमें दो अतिरिक्त मंजिलें बनाने के लिए सरकार से छूट मांगी थी। सरकार ने इसमें राहत दी थी। सरकार की मंजूरी के बाद नगर निगम की जिम्मेदारी थी कि इस छूट के हिसाब से नक्शा तैयार करवाता और इसे पास करवाया जाता। नक्शा तभी पास होना था जब लोक निर्माण विभाग से एनओसी ली होती। सर्कुलर रोड से सटे होने के कारण इस भवन के नक्शे में विभाग की एनओसी जरूरी थी। लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया। निगम ने भवन बना दिया। आमतौर पर भवन की कंपलीशन होने पर ही उसमें गतिविधियां करने या रहने की मंजूरी मिलती है लेकिन निगम ने कंपलीशन तो दूर, नक्शा तक पास नहीं करवाया।
मेरी तैनाती से पहले का है मामला
वास्तुकार शाखा से इस बारे में नोटिस मिला है। लेकिन यह मामला मेरी तैनाती से पहले का है। नक्शा पास किए बिना भवन कैसे बनाया गया, इस बारे में अभी जानकारी ली जा रही है।
-भुवन शर्मा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला