कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों ने अपनी ही सरकार के फैसलों पर सवाल उठा दिए। एचआरटीसी में हुई कंडक्टर यानी टीएमपीए की भर्ती को लेकर कई सवाल कांग्रेस विधायकों की ओर से ही उठाए गए। ये पूछा गया कि एक ही क्षेत्र विशेष के ज्यादा लोग कैसे परीक्षा में पास हो रहे हैं? इस बारे में भरोसे में न लेने की शिकायत भी विधायकों को थी।
इसके बाद विधायकों के लिए एंबर लाइट के बजाय गाड़ियों पर लालबत्ती का मसला भी बैठक में उठा। इसके अलावा बैठक में कांग्रेस के संगठनात्मक जिलों के गठन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस मसलों पर गौर करने को कहा। साथ ही ये हिदायत भी दी कि लोकायुक्त और टीसीपी जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर कांग्रेस विधायक सदन में होने वाली चर्चा में भाग लें और अपने सुझाव दें।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अगिभनहोत्री ने विधायकों को जानकारी दी कि विपक्षी भाजपा विधायक कौन कौन से मसले सदन के भीतर उठा सकते हैं और उनका जवाब किस तरह देना है? हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि सत्तापक्ष का आग्रह है कि विपक्ष सदन चलने दे और लोकहित के मसलों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करे।
अभी नहीं हुई है टीएमपीए भर्ती : बाली
परिवहन मंत्री जीएस बाली से जब कंडक्टर भर्ती को लेकर विधायक दल की बैठक में हुई चर्चा को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई बात सीएलपी में नहीं हुई है। जहां तक इस भर्ती का सवाल है तो अभी किसी को रोजगार नहीं दिया गया है। प्रक्रिया चल रही है। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि डीजल पर वैट बढ़ाने का फैसला सरकार को कई मजबूरियों में लेना पड़ा है। हालांकि इसे अभी लागू नहीं किया है। इसमें अभी 10 दिनों का समय है।
विधायक दल में कंडक्टर भर्ती की चर्चा
विधायक दल की बैठक में एचआरटीसी की टीएमपीए भर्ती की भी खूब चर्चा रही। सूत्र कहते हैं कि कुछ विधायकों ने इस प्रक्रिया में उन्हें विश्वास में न लेने की बात कही। विधायकों का ये भी कहना था कि हालांकि फाइनल रिजल्ट के बाद पता चलेगा कि किस क्षेत्र से कितने उम्मीदवार इसमें आते हैं।
आक्रामक रुख अपनाएगा कांग्रेस विधायक दल
विधानसभा शीतकालीन सत्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक भी आक्रामक रुख अपनाएंगे। होटल धौलाधार में मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली। बैठक में तय हुआ कि सत्र के दौरान विपक्ष के हर आरोप का मजबूती से जवाब दिया जाए। मुख्यमंत्री ने पार्टी विधायकों को आगाह किया कि वह सदन की कार्यवाही से संबंधित विषयों पर तैयारी करके आएं। बैठक से पहले सभी कैबिनेट मंत्रियों ने उन्हें पुष्प माला से सम्मानित भी किया।
प्रश्नकाल के दौरान अनुपूरक सवालों और चर्चा के दौरान सरकार के दो साल के काम और कल्याणकारी योजनाओं को गिनाया जाए। मुख्यमंत्री ने सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी तैयारी करने के लिए विधायकों को हिदायतें दीं। बैठक में करीब सभी कांग्रेस विधायक उपस्थित थे।
बैठक में संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अगिभनहोत्री ने विधायकों को जानकारी दी कि विपक्षी भाजपा विधायक कौन कौन से मसले सदन के भीतर उठा सकते हैं और उनका जवाब किस तरह देना है? हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि सत्तापक्ष का आग्रह है कि विपक्ष सदन चलने दे और लोकहित के मसलों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करे।
वैट बढ़ोतरी, तबादले पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
भाजपा शीतकालीन सत्र में भ्रष्टाचार, पेट्रोल - डीजल पर वैट बढ़ाने, अवैध कटान, अवैध खनन, और एसडीएम के तबादले पर सरकार को घेरेगी। वीरवार को नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगाने के दावे ठोकती है, ट्रांसफर को लेकर कोर्ट भी जाती है लेकिन धरातल पर उनके दावे खोखले साबित होते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया हमीरपुर जिला के उपमंडल नादौन के ट्रांसफर को लेकर दी है। माना जा रहा है कि उपमंडल के अंतर्गत बसारल पुल के उद्घाटन मामले को लेकर एसडीएम को यहां से पांगी ट्रांसफर कर दिया गया। बैठक में पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक आईडी धीमान, रणधीर शर्मा, सरवीण चौधरी, रिखी राम कौंडल, विरेंद्र कंवर, विजय अग्निहोत्री, रविंद्र सिंह रवि, हंसराज और सत्तपाल सत्ती आदि मौजूद रहे। महेंद्र सिंह ठाकुर, राजीव बिंदल और विक्रम ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे।
सदन चलाने में सहयोग करे विपक्ष
कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उनका विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों से आग्रह है कि इस बार सदन का कामकाज चलने दें और महज विरोध करने के लिए हल्ला न करें। उन्होंने कहा कि सरकार हर मसले पर चर्चा के लिए तैयार है और इन सात दिनों में निर्धारित काम निपटाना चाहती है। वह उम्मीद करते हैं कि विपक्ष भी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझेगा और मानसून सत्र की तरह व्यवहार नहीं करेगा।
शीतकालीन सत्र में गूंजेंगे रूसा के सवाल
शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) जोर शोर से गूंजेगा। रूसा को शुरू हुए दो साल होने वाले हैं, लेकिन अभी तक इसके बारे में शिक्षकों को भी पूरी जानकारी नहीं है। छात्र संगठनों के विरोध के बावजूद प्रदेश में रूसा लागू हुआ। शुक्रवार से धर्मशाला में शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में शिक्षा विभाग से जुड़े 19 में से अधिकतर सवाल रूसा से संबंधित पूछे गए हैं।
इनमें रिजल्ट समय पर नहीं आने, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी, ग्रेडिंग सिस्टम, भवनों की कमी और ट्रेन्ड स्टाफ से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। रूसा के तहत अभी प्रदेश भर के कॉलेजों में 500 से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है। शिक्षकों की कमी के चलते टीचिंग आवर्स भी पूरे नहीं हो रहे हैं।
विस के बाहर 8 को अनुबंध कर्मी करेंगे मांग रैली
हिमाचल प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मचारी 8 दिसंबर को धर्मशाला में विधानसभा के बाहर मांग रैली करेंगे। अनुबंध कर्मचारी संगठनों का मानना है कि संयुक्त रूप से रैली करने से सरकार पर मांगें पूरी करने को लेकर दबाव बनेगा। अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश जयसिंहपुरिया ने कहा कि इस मांग रैली में प्रदेश भर के अनुबंध अध्यापकों सहित प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों अनुबंध कर्मी भी हिस्सा लेंगे।
संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय ठाकुर ने कहा कि उन्होंने हर मोर्चे से मांगों को सरकार के पास पहुंचाया लेकिन हर बार नजरअंदाज किया गया। प्रदेश सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में सभी अनुबंध कर्मियों को 5 वर्ष के सेवाकाल के बाद नियमित करने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आते ही वायदा भूल गई है।
महासचिव राजेश वर्मा ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अनुबंध कर्मियों को नियमित करना, 31 मार्च की नियमितीकरण की शर्त को हटाना, महंगाई भत्ता देना, अनुबंध काल को सेवाकाल में जोड़ना, अनुबंध जेबीटी को संशोधित वेतनमान और अनुबंध अध्यापकों को भी संशोधित ग्रेड पे देना शामिल है।