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क्या इस बार भी खाली रहेंगे बजट बुक के खाने, विधायकों ने नहीं भेजीं प्राथमिकताएं

Fri, 14 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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क्या बजट बुक के खाने इस बार भी योजना विभाग को खाली रखने पड़ेंगे? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है कि इस बार भी सभी विधायकों ने योजना विभाग को अपनी प्राथमिकताएं नहीं भेजी हैं। विधायकों से सड़क, पेयजल और सिंचाई की दो-दो स्कीमें मांगी गई थीं, मगर यह सभी विधायकों से नहीं मिली हैं। बजट बुक के छपने से पहले योजना विभाग इन प्रस्तावित योजनाओं का इंतजार कर रहा है। इनका वित्तपोषण नाबार्ड से किया जाता है। 

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पिछले साल बजट बुक में योजना और वित्त विभाग को विधायकों के नामों के आगे बहुत से खाने खाली छोड़ने पडे़ थे। विधायकों दो-दो वास्तविक नई योजनाएं और दो-दो चालू योजनाएं मांगी गई थीं। यह सड़कों, पेयजल और सिंचाई के लिए मांगी गई थीं। वास्तविक नई योजनाएं वे हैं, जो पहली बार विधायक प्राथमिकता में डाली जा रही हैं और जिनके  लिए पहली बार बजट लाया जाना है। चालू योजनाएं वे हैं जिनका 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है, मगर जिन्हें धरातल पर उतारने के लिए बजट की जरूरत है।
 

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छह मार्च को बजट पेश करेंगे सीएम जयराम ठाकुर 

इस बार भी निश्चित प्रारूप पर विधायकों से यह योजनाएं मांगी गई हैं, मगर यह कई विधायकों से नहीं मिल पाई हैं। प्रधान सचिव वित्त एवं योजना प्रबोध सक्सेना ने बताया कि यह देखा जा रहा है कि किन-किन विधायकों से प्राथमिकताएं नहीं मिली हैं। बजट बुक में प्राथमिकताओं को छापा जाना सुनिश्चित किया जाएगा। 

 प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट भाषण के प्रारूप पर चर्चा के लिए भी गुरुवार को एक बैठक बुलाई। इसमें इस प्रारूप पर लंबी चर्चा की गई है। इसके लिए बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को बुलाया। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने कार्यकाल का तीसरा बजट छह मार्च को पेश करेेंगे। बजट सत्र 25 फरवरी को शुरू होने जा रहा है। यह सत्र एक अप्रैल तक चलेगा।
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