क्या बजट बुक के खाने इस बार भी योजना विभाग को खाली रखने पड़ेंगे? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है कि इस बार भी सभी विधायकों ने योजना विभाग को अपनी प्राथमिकताएं नहीं भेजी हैं। विधायकों से सड़क, पेयजल और सिंचाई की दो-दो स्कीमें मांगी गई थीं, मगर यह सभी विधायकों से नहीं मिली हैं। बजट बुक के छपने से पहले योजना विभाग इन प्रस्तावित योजनाओं का इंतजार कर रहा है। इनका वित्तपोषण नाबार्ड से किया जाता है।
पिछले साल बजट बुक में योजना और वित्त विभाग को विधायकों के नामों के आगे बहुत से खाने खाली छोड़ने पडे़ थे। विधायकों दो-दो वास्तविक नई योजनाएं और दो-दो चालू योजनाएं मांगी गई थीं। यह सड़कों, पेयजल और सिंचाई के लिए मांगी गई थीं। वास्तविक नई योजनाएं वे हैं, जो पहली बार विधायक प्राथमिकता में डाली जा रही हैं और जिनके लिए पहली बार बजट लाया जाना है। चालू योजनाएं वे हैं जिनका 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है, मगर जिन्हें धरातल पर उतारने के लिए बजट की जरूरत है।