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Shimla News: आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विवि, 40 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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एचपीयू को पीएम उषा के तहत मिले हैं सौ करोड़ रुपये, 40 करोड़ ढांचागत विकास पर किए जाएंगे खर्च
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हर विभाग में बनाए जाएंगे क्लास रूम
विभागों के लिए बनेगा साइंस सेंट्रल वर्कशॉप

शिक्षकों, अधिकारियों के लिए खरीदे जाएंगे ढाई सौ कंप्यूटर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला को पीएम उषा (राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान) के तहत स्वीकृत सौ करोड़ के बजट में से 40 करोड़ रुपये विवि के ढांचागत विकास पर खर्च होंगे। इस बजट से विश्वविद्यालय के विभागों के डिजिटाइजेशन और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर (ऐसे उपकरण जो किसी संस्था के बेहतर काम के लिए जरूरी हों) का कार्य किया जाएगा।

विवि ने साॅफ्टवेयर और लैब में उपयोग होने वाले उपकरणों की खरीद के लिए प्लान तैयार कर दिया है। विवि में अलग से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर सभी विभागों को जरूरी सॉफ्टवेयर की खरीद कर इसे उपलब्ध करवाने की योजना है। विवि के सभी विभागों के हर क्लास रूम को स्मार्ट बनाने के लिए 50 से अधिक इंटरेक्टिव पैनल के अलावा प्रोजेक्टर आदि की खरीद की जाएगी। इससे क्लास रूम में डिजिटल बोर्ड के साथ पैनल स्थापित कर शिक्षकों को छात्रों पढ़ाने के लिए ऑनलाइन हर विषय से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। विवि के साइंस से संबंधित विभागों में कुछ ऐसे उपकरण हैं जिन्हें सभी विभाग मिलकर उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए विवि में अलग से एक साइंस सेंट्रल वर्कशॉप बनेगी। इसके लिए करीब 15 करोड़ के उपकरणों की खरीद की जानी है। इसी बजट में विवि के करीब ढाई सौ शिक्षकों और अधिकारियों को अलग से 250 कंप्यूटरों की खरीद की जाएगी। पीएम उषा से मिलने वाले इस बजट से उपकरणों, सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।
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एचपीयू बनेगा मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिवर्सिटी
विवि के डीन प्लानिंग और शिक्षक मामले प्रो. जोगिंद्र धीमान ने माना कि करीब 40 करोड़ से हर विभाग को आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लेस किया जाएगा। प्रधानमंत्री उच्चत्तर शिक्षा अभियान के तहत एचपीयू को मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिवर्सिटी बनाने के लिए मेरू के तहत बजट जारी हुआ है। आज के समय में विश्वभर में हो रहे शोध अनुसंधान को लेकर शिक्षकों, छात्रों को अपडेट रखने, विवि में शोध के लिए हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के मकसद से यह बजट अलग-अलग जरूरी मदों में व्यय किया जाएगा।
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किस मद पर कितना होगा खर्च
पीएम उषा के तहत मिलने वाले सौ करोड़ के बजट में से उपकरणों पर 40 करोड़ रुपये अलग-अलग मद बनाकर पैसा खर्च किया जाना है। इसमें स्मार्ट क्लास रूम बनाने पर दो करोड़, कंप्यूटर लैब पर डेढ़ करोड़, डिजिटल लाइब्रेरी पर 2.70 करोड़, साइंस सेट्रल वर्कशॉप पर 15 करोड़, विभागों की ओर से साइंटफिक उपकरण खरीद पर 8 करोड़, डिजिटल स्टूडियो/एमओओसी रिकार्डिंग स्टूडियो पर 55 लाख, स्टार्टअप और इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने पर 60 लाख, स्किल डवेलपमेंट सेंटर और स्किल एन्हासमेंट सेंटर पर 25 लाख, वाईफाई और लोकल एरिया नेटवर्क, इथरनेट नेटवर्क के अपग्रेडेशन पर दो करोड़, आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर 4.40 करोड़, मौजूदा कम्यूनिकेशन सिस्टम को अपग्रेड करने पर 95 लाख और सॉफ्टवेयर की खरीद पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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