हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में एक बार फिर दुर्लभ वन्य प्राणी हिमालयन सीरो को देखा गया है। पार्क प्रबंधन की एक सर्वेक्षण टीम ने इस वन्य प्राणी को 26 अप्रैल की शाम अपने कैमरे में कैद किया। इससे पहले यह जीव 2018 में इसी पार्क में और 2020 में लाहौल-स्पीति में देखा गया था। पार्क में हिमाचल प्रदेश के राज्य पक्षी जाजुराना को लेकर सर्वेक्षण चल रहा था। इस दौरान टीम के एक सदस्य वन कर्मचारी मनोज ने सीरो को देखकर अपने कैमरे में कैद कर लिया। सीरो एक दुर्लभ प्रजाति है। करीब चार साल बाद हिमालयन नेशनल पार्क में फिर इसके दिखने से पार्क प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारी गदगद हैं।
जाजुराना के सर्वे के लिए गई वन विभाग की टीम इस दुर्लभ प्राणी को देखकर अचंभित रह गई। दुर्लभ वन्यजीव की अनुसूची-एक में शामिल हिमालयन सीरो को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन फॉर नेचर (आईयूसीएन) ने संकट की नजदीकी श्रेणी में शामिल किया है। आईयूसीएन ने पार्क प्रबंधक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस दुर्लभ प्रजाति के जीव के संरक्षण को लेकर क्षेत्र की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसके मांस के लिए शिकारी इसका शिकार न कर सकें। पार्क के वन उपमंडलाधिकारी निशांत मंढोत्रा ने बताया कि दुर्लभ प्रजाति के इस जानवर की निगरानी और संरक्षण के लिए पार्क प्रबंधन गंभीर है।
जाजुराना की संख्या को लेकर हुआ सर्वेक्षण
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में प्रदेश के राज्य पक्षी जाजुराना की संख्या का पता लगाने के लिए पार्क प्रबंधन ने सर्वेक्षण किया है। 26 और 27 अप्रैल को हुए सर्वे में पार्क प्रबंधन के कर्मचारियों ने जाजुराना की संख्या का पता लगाया। इसके लिए पार्क प्रबंधन की 18 टीमें बनाई गई थीं और 18 ही चिह्नित क्षेत्रों में सर्वेक्षण किया गया। सर्वे पूरा होने के बाद टीम अब इसकी एक रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसे पार्क के अधिकारियों को सौंपा जाएगा।