बैठक में प्रदेश में बंदरों की संख्या का पंचायतवार ब्योरा जुटाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए वन्यजीव विंग से आंकड़े उपलब्ध करवाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के देहरा स्थित वनखंडी में निर्माणाधीन दुर्गेश अरण्य प्राणी उद्यान के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। संसारपुर टैरस औद्योगिक क्षेत्र में गोयल फर्नेस प्राइवेट लिमिटेड की धातु निर्माण इकाई के विस्तार को भी मंजूरी मिली। इसके तहत एमएस इंगोट्स की वार्षिक उत्पादन क्षमता 19,200 टन से बढ़ाकर 96,600 टन की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त इंडक्शन फर्नेस, सतत ढलाई मशीन और रोलिंग मिल स्थापित की जाएंगी।
भुलाह-शिकारी देवी सड़क के लिए 4.72 हेक्टेयर वन भूमि देने का प्रस्ताव मंजूर
मंडी जिले के सराज वन मंडल में शिकारी देवी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर भुलाह-शिकारी देवी सड़क के विस्तार और उन्नयन के लिए लोक निर्माण विभाग को 4.72 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में कीरतपुर-मनाली फोरलेन के पुंग-भुवाणा सुरंग खंड में सड़क दुर्घटनाओं के कारण वन्यजीवों की मौत की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल और वन विभाग के वन्यजीव विंग की ओर से जारी पोस्टकार्ड हिमाचल्स वाइल्ड आइकॉन्स और ‘हिमाचल्स वाइल्ड हेरिटेज का विमोचन भी किया।