महिला मनरेगा में मजदूरी कर अपना और बच्चे का पेट पाल रही थी। वहीं राजकीय प्राथमिक केन्द्र पाठशाला रायपुर मैदान स्कूल के केंद्रीय शिक्षक रमेश चंद वंगा का कहना है कि राजेश नर्सरी का छात्र है। बहुत ही होशियार है। उसकी माता की मृत्यु से स्कूल में शोक की लहर है। स्कूल से घर की दूरी दो किलोमीटर है। मां जैसे तैसे करके इसका पालन पोषण कर रही थी और हर दिन सुबह दोपहर को दो टाइम फोन करके बच्चे का हालचाल पूछा करती थी। वहीं पर इसके साथी भी नम आंखों से बार बार यही पूछ रहे हैं कि सर जी राजेश की माता को क्यों मारा।
बच्चे के साथी डेस्क खाली रख कर बार बार यही पूछ रहे हैं कि सर जी राजेश कब स्कूल आएगा। रमेश चंद वंगा का कहना है कि बच्चा मिड-डे-मील खा कर अपने टिफन में थोड़ा खाना अपनी मां के लिए भी बचा कर रखता था। केंद्रीय शिक्षक रमेश चंद वंगा का कहना है कि इस बच्चे की पढ़ाई लिखाई का खर्चा स्कूल स्टाफ वहन करेगा। बुधवार को पिता के पुलिस हिरासत में जाने और माता की मौत के बाद बच्चा दादी से पूछ रहा था कि मम्मी कब वापस आएगी।