नुकसान का जायजा लेने एक टीम पहले ही मंडी जिला आ चुकी है। अब दूसरी टीम बादल फटने की घटनाओं पर अध्ययन करेगी। आज सीएम के साथ टीम की बैठक भी होगी, जिसमें इस विषय पर अध्ययन की आगामी रणनीति बनेगी। कर्नल केपी सिंह की अध्यक्षता वाली टीम में सीएसआईआर रुड़की के चीफ साइंटिस्ट डॉ. एसके नेगी, मणिपुर विवि के रिटायर्ड जियोलॉजिस्ट अरुण कुमार, आईआईटीएम रिसर्च सेंटर पुणे से सुष्मिता, आईआईटी इंदौरा सिविल इंजीनियर नीलिमा शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। जिन क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं नहीं होती थीं, अब वहां भी होने लगी है।