क्षय रोग (टीबी रोग) को केंद्र सरकार और देश के सभी प्रदेशों की सरकारें नियंत्रण में रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन देश के कई जिलों में इसका प्रकोप बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार देश के 30 जिलों में टीबी रोग के सबसे ज्यादा मरीज हैं।
देश के इन 30 जिलों में हिमाचल के आठ जिले शामिल हैं। यह सूबे के लिए चिंता का विषय है। मंडी, लाहौल-स्पीति, चंबा, शिमला, कुल्लू, किन्नौर, सोलन और सिरमौर जिलों में क्षय रोग के ज्यादा मरीज हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग को इस रोग से निपटना अब चुनौती है।
कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में स्थिति अभी सामान्य है। उपरोक्त 30 जिलों में देश के अन्य जिलों के मुकाबले सामान्य से ज्यादा टीबी रोग के मामले सामने आ रहे हैं।
लगाई हाईटेक मशीनें, बस एक टेस्ट से सामने आएगी बीमारी
प्रदेश के सभी जिला केंद्रों के अस्पतालों में कारटिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एंप्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीनेट) मशीन स्थापित की गई हैं। हिमाचल देश का पहला प्रदेश है, जिसके सभी जिलों में उपरोक्त मशीनें स्थापित की गई हैं।
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिला केंद्र के अस्पतालों में ये मशीनें लगाई गई हैं। इनकी कीमत भी करोड़ों में है। इन अत्याधुनिक मशीन से मरीज के बलगम में छोटे से छोटे कीटाणु को भी देखा जा सकता है। अगर किसी मरीज के बलगम में टीबी का एक भी कीटाणु है तो वह भी इस टेस्ट की पकड़ में आएगा।
पीएमओ के प्रगति पोर्टल पर भेजी जा रही रिपोर्ट
क्षय रोग को लेकर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी जिलों के मरीजों की रिपोर्ट पीएमओ के प्रगति पोर्टल पर भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को जिला से प्रतिदिन मरीजों और दवाइयों का ब्योरा केंद्र को भेजना पड़ता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जोगिंद्र सिंह ठाकुर और जोनल अस्पताल मंडी के क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय मिन्हास ने कहा कि टीबी रोग को लेकर प्रतिदिन पीएमओ के प्रगति पोर्टल पर रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसके अलावा हर मरीज का प्राथमिकता से उपचार किया जा रहा है और कारटिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एंप्लीफिकेशन मशीन में मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंडों के अनुसार भारत में 84 जिले ऐसे हैं, जिनमें एक लाख की आबादी में टीबी रोग के 180 मरीज हैं। इन 84 जिलों में 30 जिले ऐसे हैं, जहां एक लाख की आबादी पर टीबी मरीजों की संख्या 200 से 300 तक है। देश के 30 जिलों में हिमाचल के आठ जिले शामिल हैं।