दो माह में आए चिट्टे के मामले में गिरफ्तार तस्करों में 90 फीसदी पंजाब के रहने वाले, नेटवर्क तोड़ने में जुटी शिमला पुलिस पुलिस ने कई अंतरराज्यीय चिट्टा गिरोहों का किया भंडाफोड़ अमर उजाला ब्यूरो शिमला। जिले के युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने वाले चिट्टे की तस्करी सीमा पार पाकिस्तान से हो रही है। इसके बाद यह जानलेवा नशा पंजाब से होकर जिला शिमला और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है।
पंजाब की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के बाद अब जिले की युवा पीढ़ी नशा तस्करों के निशाने पर है। यही वजह है कि शिमला में पकड़े जाने वाले 90 फीसदी से ज्यादा नशा तस्करी के मामलों में तस्कर पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन मामलों में फिरोजपुर, तरन तारन और फाजिल्का तथा अमृतसर समेत पाकिस्तानी सीमा से सटे कई क्षेत्रों से बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है। शिमला पुलिस ने दो महीने में 11 से अधिक बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है। इसमें 10 तस्कर पंजाब से संबंध रखने वाले हैं या फिर पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। इसमें कई ऐसे अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह भी पकड़े गए हैं, जिसके सरगना पंजाब में बैठकर नशा तस्करी का रैकेट चला रहे थे।
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आठ जनवरी को पुलिस ने ठियोग थाना क्षेत्र में में तीन युवकों को 10 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले की जब जांच की गई तो पता चला कि नशे की खेप पंजाब से आई थी। पुलिस ने इसके बाद तकनीकी पहलुओं और अन्य तथ्यों के आधार पर सन्नी राठौर निवासी अबोहर तहसील जिला फाजिल्का, पंजाब को गिरफ्तार किया। ठियोग में ही पुलिस ने 13.5 ग्राम चिट्टा बरामद करने के बाद पंजाब के खरड़ के रहने वाले रोबिन को पकड़ा।
जुब्बल में 44.15 ग्राम चिट्टे के साथ पुलिस ने फिरोजपुर के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 27 फरवरी को रोहडू़ पुलिस ने 83 ग्राम चिट्टे के साथ पंजाब के दो युवकों जश्नदीप और धर्मप्रीत को पकड़ा था। इस मामले में चार स्थानीय युवकों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में बैकवर्ड लिंकेज की जांच की तो हरदीप सिंह निवासी फिरोजपुर की संलिप्तता सामने आई। बैंक खातों की पड़ताल में पता चला कि उसके खातों में 28 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह रकम नशे की खरीद फरोख्त की है।
मोहाली और तरन तारण के तस्कर भी शामिल
5 मार्च को 10.310 ग्राम चिट्टे के साथ पुलिस ने हरप्रीत सिंह निवासी एसएएस नगर मोहाली को पकड़ा गया। इसी दिन 5.9990 ग्राम चिट्टे के साथ लवप्रीत सिंह निवासी तरन तारण पंजाब को गिरफ्तार किया था। ज्यादातर मामलों में पता चला है कि चिट्टे की सप्लाई पंजाब से ही आई थी। 12 मार्च को पंजाब के मोगा के रहने वाले संदीप और सिरमौर की प्रिया को एक करोड़ की एलएसडी के साथ गिरफ्तार किया। 16 मार्च कुमारसैन में पकड़े 12.36 ग्राम चिट्टे के मामले की जांच में पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर संजय उर्फ गांजी को पकड़ा जोकि चंडीगढ़ का रहने वाला है। इसी महीने पुलिस ने अमृतसर के लुकास को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है, जोकि जिला शिमला में लोकेशन बेस्ड ड्रग डिलीवरी सिस्टम ड्रग तस्करी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल और सात सिम भी बरामद किए हैं। पुलिस अब जांच कर रही है यह गिरोह कितने लंबे समय से नशा तस्करी का यह गिरोह चला रहा था।
नशे की लत लगा कर रहे इस्तेमाल
नशा तस्करी के इस नेटवर्क में नशे के आदी युवाओं को मोहरा बनाया जा रहा है। पहले नशा तस्कर युवाओं को नशे का आदी बनाते हैं और इसके बाद नशे की आपूर्ति को पूरा करने के लिए उनसे तस्करी करवाई जाती है। कई युवा नशे की मांग को पूरा करने के लिए खुद भी पंजाब समेत अन्य राज्यों में जाकर नशा खरीदकर ला रहे हैं। नशा तस्करी के इस नेटवर्क में युवाओं के साथ ही युवतियों को भी मोहरा बनाया जा रहा है।
कोट जिला शिमला में चिट्टा तस्करी की ज्यादातर सप्लाई पंजाब से हो रही है। इसको लेकर पुलिस विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने तीन महीने में ही 150 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें कई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के गिरोह सरगनाओं को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। -गौरव सिंह, एसएसपी शिमला