‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सोशल मीडिया का सहारा लेगा। इसके लिए ‘बेटी बचाओ’ नाम से व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाया जाएगा। उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि इस ग्रुप में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों के अतिरिक्त आमजन को भी जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले के उद्योगों में हजारों कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उद्योगों को भी अभियान के साथ जोड़ा जाएगा। अभियान के बेहतर कार्यान्वयन के लिए तीन स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई है। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में, जबकि खंड स्तर पर एसडीएम तथा ग्रामीण स्तर पर पंचायत प्रधान की अध्यक्षता में इन कमेटियों को गठित किया गया है।
डीसी मंगलवार को बचत भवन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का विधिवत शुभारंभ करने तथा अभियान को सुनियोजित तरीके से लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए आयोजित सेमीनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत जिला स्तर पर लड़कियों की शिक्षा के लिए बेहतर कार्य करने वाले स्कूल को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा तथा प्रत्येक माह की दस तारीख को विशेष कन्या दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में शिशु लिंगानुपात से जुडे़ आंकड़ों को ज्यादा दुरुस्त करने के लिए किसी बेहतर निजी एजेंसी के माध्यम से सर्वेक्षण करवाया जाएगा। बच्चे के जन्म का पंजीकरण केवल जन्म स्थान पर ही दर्ज होता है। जिला में 90 फीसदी डिलीवरी स्वास्थ्य संस्थानों में ही होती है।
ऐसे में जिला के शिशु लिंगानुपात से जुडे़ आंकड़ों को ज्यादा दुरुस्त करने के लिए जनसंख्या सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ-साथ आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा। जिले में पीसी पीएनडी एक्ट के तहत कन्या भ्रूण हत्या का मामला पकड़ने पर दी जाने वाली राशि के अतिरिक्त संबंधित पुलिस स्टेशन को 21 हजार की प्रोत्साहन राशि अलग से प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर एएसपी विरेंद्र ठाकुर, एसडीएम ऊना धनवीर ठाकुर, एसडीएम अंब डा. चिरंजी लाल, एसडीएम बंगाणा मनोहर लाल, सहायक आयुक्त चेतना खड़वाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत सिंह, सीएमओ डा. जीआर कौशल, डा. आरुषि जैन, उपनिदेशक उच्च शिक्षा भजन सिंह, बीडीओ, बीएमओ, सीडीपीओ, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों, निजी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों के चिकित्सकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।