मौसम के मिजाज के अनुसार फसलों की बिजाई, रोपाई, कटाई, बीमारियों के अलावा दवाओं का छिड़काव कब करना है, इन सब की जानकारी अब किसानों को घर बैठे मोबाइल पर मिलेगी।
इसके लिए मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने प्रदेश के 31 हजार से अधिक किसानों और बागवानों के मोबाइल नंबर रजिस्टर कर लिया है। नए किसानों को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
50 हजार से अधिक किसानों को रजिस्टर करने का लक्ष्य रखा गया है।
मैसेज से मिलेगा मौसम पूरा हाल
इन नंबरों पर रोज एक सप्ताह के मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी के अलावा तीन दिन का जिला वाइज तापमान, बारिश कितनी होगी, उमस, बादल, हवाओं की रफ्तार और उसकी दिशा से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
किसानों को यह एडवाइजरी बुलेटिन मौसम विभाग के तहत प्रदेश में चल रहे चार एएमएफ यूनिट (कृषि मौसम सलाह सेवा इकाई) के ऑफिसर की ओर से सभी जिलों के किसानों को भेजा जाएगा।
ये केंद्र कृषि विश्वविद्यालय नौणी, पालमपुर, कुल्लू और लाहौल स्पीति में चल रहे हैं। इन केंद्रों को तीन-तीन जिले बांटे गए हैं। इन्हीं केंद्रों से जिलावार किसान एडवाइजरी बुलेटिन और मौसम केंद्र शिमला से मौसम की जानकारी जाएगी।
दवाओं के छिड़काव की भी जानकारी
इसके अलावा मौसम को देखते हुए फसलों में किन दवाओं का छिड़काव करना है और क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए, इसे लेकर भी किसानों को सचेत किया जाएगा। किसानों को यह सुविधा केंद्रीय मौसम विभाग और कृषि मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में मिलेगी।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि अभी तक 31 हजार से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है। इन्हें मौसम के पूर्वानुमान के साथ-साथ एडवाइजरी बुलेटिन भी भेजे जा रहे हैं।
नए किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। अधिक से अधिक किसान और बागवान इससे जुड़ कर फायदा उठा सकते हैं।