हिमाचल में गुरुवार को भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 31 जुलाई तक प्रदेश में चेतावनी जारी की गई है। पूरे प्रदेश में चार अगस्त तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। बुधवार को ऑरेज अलर्ट के बीच शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल बरसे। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ठंडा हो गया है। मैदानी जिलों के लोगों को भी गर्मी से कुछ राहत मिली है।
ऊना में सबसे अधिक 61 मिलीमीटर बारिश
बुधवार को ऊना में सबसे अधिक 61, नाहन 17, सुंदरनगर 13, मंडी-डलहौजी 8, मनाली 4 और शिमला दो मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। उधर, मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक घुमारवीं में 160, धर्मशाला 92, बैजनाथ-नयनादेवी 84, बंगाणा 67, गोहर 66, ऊना-नादौन 42, हमीरपुर 41, पालमपुर-अंब 40, सुजानपुर टीहरा 38, बिलासपुर 34, मंडी 29, जोगिंद्रनगर 24, भौरंज-सुंदरनगर 16, मनाली-पंडोह 15 और गगल-गुलेर में नौ मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी
प्रदेश में बुधवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 33.0, मंडी 32.1, बिलासपुर 31.0, हमीरपुर 30.8, चंबा 30.4, कांगड़ा 29.4, सोलन 29.0, भुंतर-धर्मशाला 28.6, सुंदरनगर 28.3, नाहन 27.0, कल्पा 24.9, शिमला 23.4, केलांग 22.9, मनाली 21.4 और डलहौजी में 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
एसपी कार्यालय में भरा पानी
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वहीं, प्रदेश में बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रदेश सरकार ने सभी जिलों से मांगी है। बारिश से इस समय मक्की की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि धान की फसल के लिए बारिश लाभदायक है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में मक्की की फसल खड़ी है और खेतों में बाशि का पानी जमा होने से नुकसान हो रहा है। प्रदेश सरकार ने जिलों में बारिश से मक्की सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजने को कहा है। राज्य के कृषि निदेशक डॉ. आरके कौंडल ने बताया कि अभी कोई रिपोर्ट मुख्यालय में नहीं पहुंची है।