अभी नौ लाख किसान पंजीकृत हैं और मौसम विभाग की सूचनाओं का लाभ उठा रहे हैं। डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि रेडिएशन सूर्य से मिलती है और इससे मौसम तय होता है। बारिश, बर्फ और ओलावृष्टि से बागवानों और किसानों को नुकसान होता है।
कोहरे से भी फसलों को मार पड़ती है। अगर मौसम के पूर्वानुमान से कोहरे का पता चल जाए तो नुकसान से बच सकते हैं। ओलावृष्टि और कोहरे की सूचना मिल जाए तो काफी राहत मिलेगी। डॉ. डीडी शर्मा मौसम विभाग ने अच्छे कार्य किए हैं।
बागवान मौसम देखकर बगीचों में छिड़काव करते हैं। सीपीआरआईए के डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि पूरे देश में मौसम विभाग के आंकड़ों को लेकर आलू की फसल बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं।
फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि मौसम संबंधित जानकारी मिलने से बागवानों और किसानों को राहत मिली है। प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन इस दिशा में अच्छा काम कर रही है। आईएमडी केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन ने कहा कि जून 2008 में पहली बार एडवाइजरी शुरू की गई।