कर्नल देवेंद्र ने बताया कि प्रतियोगिता में पहले दिन भारतीय थल सेना, वायु सेना, जल सेना के अतिरिक्त असम राइफल और बीएसएफ के 23 पैराग्लाइडर पायलटों ने 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बिलिंग स्थित टेक ऑफ प्वाइंट से उड़ान भरी।
एक्यूरेसी प्रतियोगिता में सबसे कम अंक प्राप्त करने वाला पायलट पहले स्थान पर रहेगा। लैंडिंग साइट पर बने सर्कल के अंदर प्रत्येक पायलट को तीन दिन में पांच मर्तबा लैंड करने का मौका मिलेगा। सर्कल के मध्य में और उससे दूरी पर लैंड करने के हिसाब से पायलटों की परख की जाएगी। इस मौके पर एसडीएम विकास शुक्ला और भारतीय सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे।