घाटी के नाशपाती उत्पादक अशोक ठाकुर, सुशील, चुनी लाल, वेद ठाकुर, बुद्धि प्रकाश शर्मा, चमन ठाकुर, चुनी लाल, तेजराम, देवी सिंह, देवराज नेगी, सुरेश ठाकुर, अखिल ठाकुर, नवीन भंडारी और अनिश आदि का कहना कि सर्दियों में कम बर्फबारी और बारिश के कारण इस साल वार्टलेट किस्म की नाशपाती (नाख) का उत्पादन काफी कम हुआ है।
जिन बागवानों के पास 100 डिब्बा नाशपाती का उत्पादन होता था। उनके पास मुश्किल से 10 से 15 डिब्बा ही निकल रहा है। कई बगीचों में तो खाने के लिए भी फल नहीं हो रहे हैं। आजापुर दिल्ली के आढ़ती दौलतराम छावड़ा ने कहा कि मंडी में दस किलो बड़ा डिब्बा 1200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
कम उत्पादन होने से नाशपाती के बेहतर दाम मिल रहे हैं। बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन ठाकुर और अध्यक्ष गोवर्द्धन ठाकुर ने बताया कि वीरवार को मंडी में नाशपाती 95 से 105 रुपये प्रतिकिलो बिकी है।