कोलडैम में चार स्थानों पर जैटी बनाई जाएगी। इसमें सुन्नी, तत्तापानी, कौलडैम और कसोल शामिल हैं। यह सारा कार्य ठेके पर होगा। गोविंद सिंह ठाकुर ने गुरुवार को एनटीपीसी की जल परिवहन विशेषज्ञों की टीम और परिवहन आयुक्त कैप्टन जेएम पठानिया के साथ तत्तापानी से कोलडैम तक जल परिवहन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सर्वे किया।
उन्होंने कहा कि जलमार्गों के विकास से पर्यटकों के लिए अनेक मनोरंजक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल विकास को तरजीह देते हुए नदियों झीलों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए भी व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है। जल परिवहन शुरू होने से जल के प्राकृतिक तंत्र और जलीय जीवों को कोई संकट न हो इस का ध्यान रखा जाएगा।