कंपनी की सर्विस मैटर कमेटी में प्रस्ताव पारित, निदेशक मंडल लेगा अंतिम फैसला
अभी अधीक्षण अभियंता संभाल रहे हैं कंपनी की कमान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही कंपनी की कमान जल्द ही आईएएस, एचएएस या चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारी को दी जा सकती है। कंपनी की सर्विस मैटर कमेटी ने इस प्रस्ताव को पारित कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली निदेशक मंडल की बैठक के लिए भेज दिया है।
कंपनी की बीओडी (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर) की बैठक में अब इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वीरवार को शहरी विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई कंपनी की सर्विस मैटर कमेटी की बैैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। अभी तक कंपनी की कमान अधीक्षण अभियंता रैंक के अधिकारी संभाल रहे हैं। अब वर्ल्ड बैंक की शर्तों के अनुसार कंपनी चलाने के लिए नई भर्तियां और नियुक्तियां की जाएंगी। ऐसे में पहली बार आईएएस या एचएएस रैंक के अधिकारी को पेयजल व्यवस्था का जिम्मा दिया जा सकता है। हालांकि यदि इनकी सेवाएं नहीं मिलती हैं तो चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारी को कंपनी का एमडी बनाया जा सकता है। अब बीओडी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेगी। कंपनी दो एजीएम के साथ एक जनरल मैनेजर की नियुक्ति की भी योजना बना रही है। अभी कंपनी में तीन एजीएम हैं जबकि जीएम नहीं है। बैठक में दो जूनियर असिस्टेंट, दो सीनियर असिस्टेंट, एक अधीक्षक, एक क्लर्क समेत सात खाली पड़े पदों को भरने को भी मंजूरी दी। इस पर अंतिम फैसला बीओडी लेगी। सूत्रों के अनुसार यदि जलशक्ति विभाग से यह पद नहीं भरे जाते हैं तो कंपनी इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के जरिये यह पद भर सकती है।
कर्मचारियों को दी एक साल की एक्सटेंशन
सर्विस मैटर कमेटी ने कंपनी में आउटसोर्स आधार पर तैनात 31 कर्मचारियों को एक साल की एक्सटेंशन भी दी। अब कंपनी में नई भर्तियां कर्मचारी चयन आयोग के जरिये भी करने की योजना चल रही है। बैठक में कंपनी के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे चीफ इंजीनियर धर्मेंद्र गिल, स्वतंत्र निदेशक दिग्विजय चौहान और नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली भी मौजूद रहे।