अनाडेल, कच्चीघाटी, घोड़ाचौकी में बिगड़ा आपूर्ति शेड्यूल
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45 एमएलडी से ज्यादा रोजाना पानी मिलने के बावजूद विकासनगर में भी लोगों को झेलनी पड़ है परेशानी
पार्षद बोले, तीसरे दिन भी रात को पानी भरवा रही कंपनी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। त्योहारी सीजन के बीच राजधानी के कई इलाकों में पानी का शेड्यूल गड़बड़ा गया है। शहर के अनाडेल, कच्चीघाटी, घोड़ाचौकी और विकासनगर समेत कई इलाकों में तीसरे दिन पानी आ रहा है।
यह आपूर्ति भी रात को 10:00 बजे के बाद मिल रही है। इस पर शहर के पार्षद भड़क गए हैं। इनका कहना है कि कंपनी हफ्ते में छह दिन पानी देने के दावे तो कर रही है, लेकिन हकीकत में तीसरे और चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। शिकायत सुनने के लिए कंपनी के अधिकारी फोन तक नहीं सुन रहे। रविवार रात 11:00 बजे पानी की आपूर्ति दिए जाने से भड़के अनाडेल के लोगों ने मंगलवार को पार्षद उर्मिला कश्यप से बात की। पूछा कि रात को क्यों पानी दिया जा रहा है। पार्षद ने कंपनी के एजीएम पीपी शर्मा को फोन कर पानी की आपूर्ति पर सवाल उठाए। कहा कि कई लोग सार्वजनिक नलकों से पानी भरते हैं। इन्हें अब पानी भरने के लिए देर रात तक जागना पड़ रहा है।
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कच्चीघाटी क्षेत्र में भी तीसरे और चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। पार्षद किरण शर्मा के अनुसार कच्चीघाटी, घोड़ाचौकी और महावीर घाटी में पानी तीसरे और चौथे दिन मिल रहा है। कई बार रात को पानी आ रहा है। कंपनी को पानी का शेड्यूल सुधारना चाहिए। विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज ने कहा कि उनके वार्ड में भी पानी का संकट है। कंपनी तीसरे और चौथे दिन भी चंद मिनटों के लिए पानी दे रही है।
टैंक फुल, तो फिर कहां जा रहा पानी
शहर को इन दिनों सभी पेयजल परियोजनाओं से भरपूर पानी मिल रहा है। मंगलवार को भी सभी परियोजनाओं से शहर को 46.17 एमएलडी पानी मिला है। इस आपूर्ति से पूरे शहर में पानी दिया जा सकता है। शहर में बने ज्यादातर टैंक फुल हैं लेकिन कई इलाकों में पानी न मिलने पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह पानी कहां जा रहा है। कंपनी का दावा है कि शहर में हफ्ते के छह दिन पानी दिया जा रहा है। सिर्फ एक दिन का कट लगाया जा रहा है।
हमारे पास कोई शिकायत नहीं : एमडी
शहर में कहीं भी पानी की कमी नहीं है। हर वार्ड में नियमित पानी दिया जा रहा है। कंपनी हफ्ते के छह दिन पानी की आपूर्ति देना सुनिश्चित कर रही है। पानी की किल्लत को लेकर किसी भी वार्ड से कंपनी को कोई शिकायत नहीं आई है। -वीरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी