हिमाचल प्रदेश में जल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों का हर 10 दिन में निरीक्षण होगा और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की भी नियमित निगरानी करनी होगी। जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने पेयजल स्रोतों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक कहा कि काम को टालने की धारणा से काम नहीं चलेगा। बैठक में पेयजल योजनाओं और सीवेज योजनाओं के जीर्णोद्धार प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।