शिमला। शहर में कई टैंकों से लिए गए पेयजल सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। आईजीएमसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कैलस्टन और नॉल्जवुड टैंक के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं।
दो सितंबर को इन टैकों से सैंपल भरे गए थे। इनके अलावा तारा माता मंदिर टैंक बीसीएस के भी सैंपल सही न आने पर इसके दोबारा सैंपल भरे गए हैं। बरसात के दौरान पिछले दो महीने में अब तक कई पेयजल टैंकों के सैंपल जांच में फेल हो चुके हैं। हालांकि, पेयजल कंपनी का कहना है कि कैलस्टन और नॉल्जवुड टैंकों के दोबारा लिए गए सैंपल सही पाए गए हैं। वहीं, जो सैंपल फेल हुए हैं, उसका कारण पानी में गाद का मिलना है। बारिश के बाद गिरि और गुम्मा परियोजना में गाद आ रही है जिसके कारण पानी दूषित हो रहा है। कंपनी का कहना है कि फेल पाए गए सैंपल में भी हैपेटाइटिस जैसा बैक्टीरिया नहीं पाया गया है। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने एहतियात के तौर पर लोगों को उबालने के बाद ही पानी पीने की सलाह भी दी है।
शहर को मिला 51.24 एमएलडी पानी
बरसात थमने के बाद शहर के लिए पेयजल सप्लाई बढ़ने लगी है। दो दिन से शहर के लिए 50 एमएलडी से ज्यादा पानी की सप्लाई मिली है। शनिवार को 51.13, जबकि रविवार को 51.24 एमएलडी पानी की सप्लाई मिली है। ऐसे में कंपनी ने भी शहर के ज्यादातर इलाकों में तय शेड्यूल के मुताबिक रोज पानी देना शुरू कर दिया है। एजीएम राजेश कश्यप का कहना है कि गाद थमने से सप्लाई बढ़ गई है। शहर में अब पानी की कमी नहीं रहेगी।