अब सिंचाई योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर लोग खुलकर सामने आ रहे हैं। शिमला के क्यार-कमाह में पानी की टेस्टिंग के साथ ही फटे पाइपों में पानी बहने से इसका खुलासा हुआ है। जल शक्ति विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंच रहे हैं। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की लापरवाही बरती गई है। उधर, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता मंगलवार को क्यार कमाह क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचे। मौके पर पाया गया कि कई जगह पाइप टूटे हुए हैं।
कई जगह पाइप के दबाने के बजाय इन्हें खुला रखा गया है। चैंबर भी फट गए हैं। इस योजना में पांच से छह इंच के पाइप बिछाए जाने हैं, लेकिन बीच में 2.5 इंच के पाइप बिछा दिए गए हैं। हालांकि, मौके पर गए इंजीनियरों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि खराब और फटे पाइपों को हटाकर नए पाइप बिछाए जाएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से जल्द ही इस सिंचाई योजना को शुरू कर दिया जाएगा। उधर, राज्य सरकार के जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता जोगेंद्र चौहान का कहना है कि निरीक्षण करने के लिए टीम मौके पर भेजी गई है।