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HMPV Virus: आरटीपीसीआर टेस्ट शुरू, विशेष लैब शुरू करने की तैयारी; बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर होगी नजर

Wed, 08 Jan 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

HMPV Virus: देश में हयूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के मामले सामने आने के बाद हिमाचल में विभाग ने अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के अब आरटीपीसीआरटेस्ट करवाने को कहा है।
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एचएमपीवी वायरस (सांकेतिक तस्वीर।) - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हयूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने को कहा है। साथ ही विशेष लैब शुरू करने की तैयारी है, जिसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर अन्य टेस्ट होंगे।

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स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन को इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने को कहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने मंगलवार को सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों पर नजर रखने को कहा है।
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इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में सभी राज्यों व केंद्रशासित राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह एक सामान्य वायरस है, जो ज्यादातर बच्चों, व्यस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में फैलता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। इसके मुख्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गंभीर मामलों में सांस का फूलना इत्यादि है। इससे ब्रोंकाइटिस और निमोनिया भी हो सकता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने व हाथ मिलाने आदि से फैलता हैं। उपरोक्त लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन बच्चों को बुखार, खांसी के लक्षण हैं, उन बच्चों और उनके परिवार वाले मास्क जरूर पहनें।

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