कहा कि टैंकर कॉलोनी के अंदर तो जा नहीं सकता। बाहर मुख्य सड़क से दो बाल्टी घर तक पहुंचाने में पसीने छूट जाते हैं। हमें टैंकर नहीं घर के नल में पानी चाहिए। निगम के संयुक्त आयुक्त भी मौके पर पहुंचे।
इनकी भी लोगों ने एक नहीं सुनी। दोपहर करीब ढाई बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। पार्षद राकेश चौहान के अनुसार निगम अधिकारियों ने लिखित में भरोसा दिया कि यहां रविवार को भरपूर सप्लाई देंगे। इसके बाद लोग यहां से हटने को तैयार हुए। इसके अलावा कसुम्पटी बाजार और परिमहल में भी प्रदर्शन हुआ।
कसुम्पटी के अलावा विकासनगर, देवनगर, पटयोग के सेक्टर वन, कंगनाधार वार्ड के सैकड़ों घरों में पानी नहीं आया। यहां शुक्रवार शाम पानी देना था। विकासनगर पार्षद रचना ने कहा कि उनके घर समेत पूरे इलाके में दो हफ्ते से पानी नहीं।
वहीं, शनिवार को जोन दो में सप्लाई देने का शेड्यूल था। लेकिन शाम तक ज्यादातर वार्डों में पानी नहीं आया। लोअर चैप्सली में दो हफ्ते से पानी नहीं। स्थानीय निवासी डॉ. केएस जसवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद का कहना है कि यह क्षेत्र जाखू में आता है। जबकि जाखू पार्षद हमें भराड़ी का बता रहे हैं। हमें पीने लायक पानी नहीं दिया जा रहा।
आर्मी का टैंकर लोगों को पानी वितरित करता
उधर, विकासनगर वार्ड के लोगों ने पानी न मिलने पर पंथाघाटी बीसीएस हाइवे जाम कर दिया। शेड्यूल के मुताबिक यहां शुक्रवार को सप्लाई देनी थी। लेकिन शनिवार शाम तक पानी नहीं आया। स्थानीय लोग पार्षद से सवाल पूछने लगे।
कहा कि जहां प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं निगम टैंकर और सप्लाई दे रहा है। गुस्साए लोगों काफी देर तक हाइवे जाम किया और नारेबाजी की। पार्षद रचना का कहना है कि निगम अधिकारी शिकायतें नहीं सुन रहे। ज्यादातर लोगों को पानी नहीं मिला है।
कोर्ट के आदेशों के बाद शनिवार को नगर निगम के कीमैन पुलिस जवानों की मौजूदगी में पानी की सप्लाई देने पहुंचे। बालूगंज इलाके में पुलिस के जवान दोपहर दो बजे ड्यूटी पर पहुंच गए।
लेकिन पानी न होने से कीमैन नहीं पहुंचे। जोन दो के वार्डों में देर शाम ही सप्लाई शुरू हो पाई। पेयजल किल्लत पर जारी प्रदर्शनों के बीच निगम आयुक्त कार्यालय में भी दो जवाब तैनात किए गए हैं।