बारिश न होने से घटा जलस्तर, शहर कई इलाकों में अब तीसरे दिन पानी
गिरि परियोजना से पांच एमएलडी, कोटी बरांडी दो और चूरट से एक एमएलडी तक घट गई सप्लाई
चाबा से लिफ्ट हो रहा सतलुज का पानी
आने वाले दिनों में गहरा सकता है संकट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मानसून सीजन के बाद बारिश न होने से राजधानी में पेयजल संकट बढ़ने लगा है। शहर के लिए पानी की सप्लाई देने वाली तीन बड़ी पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर घट गया है। पानी की कमी होने से पेयजल कंपनी को कई इलाकों में अब रोजाना की सप्लाई बंद करनी पड़ी है और यहां तीसरे दिन सप्लाई दी जा रही है।
शहर के कसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, शकराह, कनलोग, घोड़ा चौकी, चक्कर समेत कई इलाकों में अब तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। जलस्तर घटने से शहर की दूसरी सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गिरि के स्टोरेज टैंक भरना मुश्किल हो रहे हैं। शनिवार को टैंकों का लेवल न बनने से अब यहां सिर्फ तीन पंप ही चलाए जा रहे हैं। करीब 18 एमएलडी की क्षमता वाली इस परियोजना से शहर के लिए अब 13 से 14 एमएलडी पानी ही लिफ्ट हो पा रहा है। शनिवार को गिरि से कुल 13 एमएलडी पानी सप्लाई हो पाया है। सभी पांचों परियोजनाओं से शहर के लिए 35.61 एमएलडी पानी मिला है जो सामान्य से 13 एमएलडी कम है। गिरि के अलावा कोटी बरांडी से दो, जबकि चूरट से एक एमएलडी तक पानी की सप्लाई घट गई है। कम सप्लाई मिलने के कारण कई इलाकों में शनिवार को पानी की सप्लाई नहीं दी गई।
जलस्तर घटने के बाद चाबा से शुरू की सप्लाई
गिरि समेत बाकी परियोजनाओं से पानी की सप्लाई घटने के बाद पेयजल कंपनी ने चाबा से पानी लिफ्ट करना शुरू कर दिया है। लेकिन यहां भी शनिवार को लो वोल्टेज के चलते सिर्फ तीन एमएलडी पानी ही शिमला के लिए सप्लाई हो पाया है। राहत ये है कि गुम्मा परियोजना से 18 एमएलडी तक पानी लिफ्ट हो पा रहा है। एजीएम राजेश कश्यप ने कहा कि पंपिंग बढ़ाई जा रही है। चाबा से भी पानी लिफ्ट किया जा रहा है।
इन इलाकों में नहीं आया पानी
शहर के रुल्दूभट्ठा इलाके में शनिवार को कई लोगों को पानी नहीं मिला। नाभा और फागली में भी कम सप्लाई मिली है। कैथू में देर शाम तक पानी नहीं आया। चौड़ा मैदान और न्यू शिमला जोन के कई इलाकों में भी पानी नहीं दिया गया। कंपनी का कहना है कि रविवार को इन इलाकों में पानी देंगे।
यहां जानिए कहां से कितना पानी मिलता है
परियोजना आम दिनों में सप्लाई अब कितना पानी मिल रहा
गिरि 18 से 20 13 से 14
गुम्मा 20 से 22 16 से 18
चूरट चार से पांच ढाई से साढ़े तीन
कोटी बरांडी पांच दो से तीन
(पानी एमएलडी में)