एमसी के सदन में प्रस्ताव पारित, अब कंपनी की बीओडी बैठक में होगा अंतिम फैसला
पार्षद सुनील धर ने सदन में लाया था प्रस्ताव
35 किलोलीटर तक एक ही दर से बिल जारी करने का है प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को पानी के भारी भरकम बिलों से जल्द राहत मिल सकती है। इसके लिए नगर निगम के सदन में पानी के स्लैब में बदलाव करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में वीरवार को हुए सदन में भाजपा पार्षद सुनील धर ने यह प्रस्ताव रखा था। इसके अनुसार स्लैब में बदलाव कर लोगों को सस्ता पेयजल मुहैया करवाया जा सकता है।
अभी 20 किलोलीटर तक की मासिक खपत पर 15.95 रुपये जबकि 21 से 30 किलोलीटर की खपत पर 27 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से बिल जारी होते हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार 35 किलोलीटर तक की खपत पर 15.95 रुपये की दर से बिल जारी करने की योजना है। 0 से 20 किलोलीटर के स्लैब की जगह 0 से 35 किलोलीटर की स्लैब बनाने का प्रस्ताव है। इसी तरह 21 से 30 किलोलीटर वाली स्लैब की जगह 35 से 50 किलोलीटर की स्लैब बनाकर 27 रुपये की दर से बिल जारी करने का प्रस्ताव पारित किया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अब पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट से बाहर करने पर
हंगामा, भाजपा पार्षद का वॉकआउट
शहर के पांच वार्डों में 24 घंटे पानी देने के पेयजल कंपनी के पायलट प्रोजेक्ट से टुटू वार्ड को बाहर करने पर स्थानीय पार्षद विवेक शर्मा ने कड़ा ऐतराज जताया। कहा कि कंपनी सदन तक के फैसले नहीं मानती। कहा कि वार्ड को इस प्रोजेक्ट से बाहर करने की सूचना तक कंपनी ने उन्हें नहीं दी। कंपनी एजीएम गोपाल कृष्ण ने बताया कि फिजिबिलिटी न होने के कारण टुटू मज्याठ को इससे बाहर किया है। मज्याठ पार्षद ने पूछा कि क्या पहले बिना फिजिबिलिटी डीपीआर तैयार की थी। पार्षद विवेक शर्मा ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पार्षद राकेश चौहान, संजीव ठाकुर, किरण बावा, सुनील धर, आनंद कौशल और सुषमा कुठियाला ने पेयजल व्यवस्था वापस लेने की मांग की।