उच्च शिक्षा निदेशालय ने कई शिक्षकों और गैर शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें मिलने पर संज्ञान लेते हुए कॉलेज और स्कूल प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर आगाह करने के आदेश दिए हैं। दोबारा इस तरह की शिकायतें मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चेताया गया है।
सरकारी सेवाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया पर न्यूज पोर्टल बनाकर सरकारी फैसलों का विरोध करने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कई शिक्षकों और गैर शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें मिलने पर संज्ञान लेते हुए कॉलेज और स्कूल प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर आगाह करने के आदेश दिए हैं। दोबारा इस तरह की शिकायतें मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चेताया गया है। कई शिक्षकों पर फेसबुक पेज पर समाचार पत्रों की खबरों की पीडीएफ प्रचारित करने का भी आरोप है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायतें मिली हैं कि कई शिक्षकों और गैर शिक्षकों ने अपने न्यूज पोर्टल बनाए हुए हैं।
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पोर्टल बनाने के लिए निदेशालय से कोई मंजूरी नहीं ली गई है। इन न्यूज पोर्टल पर सरकार के फैसलों और नीतियों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य सरकारी सेवाओं की शर्तों का उल्लंघन है। सोशल मीडिया पर न्यूज पोर्टल चलाने वाले इन शिक्षकों व गैर शिक्षकों के कारण समाज में विभाग और सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। फैसलों और नीतियों को लेकर भ्रम की स्थिति भी बनाई जा रही है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने सरकार से चर्चा करने के बाद इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले शिक्षकों और गैर शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। मंगलवार को स्कूल और कॉलेज प्रिंसिपलों के माध्यम से चेतावनी जारी की गई है। अगर इस प्रकार की गतिविधियों पर विराम नहीं लगा तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।