देश भर में छोटी-बड़ी दर्जनों सड़कें अब भी यातायात के लिए बंद हैं। भुंतर और शिमला में हवाई उड़ानें ठप हैं। कांगड़ा जिला के नगरोटा में दो गोशालाएं ढह गई हैं जबकि सेब सीजन प्रभावित होने से बागवान परेशान हैं।
गिरि नदी में पानी की मात्रा अधिक होने और ददाहू के पास जटौन बैराज में 98 मिलीमीटर बारिश होने से दस गेटों में से पांच गेटों को खोलना पड़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने छह अक्तूबर तक हिमाचल में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में प्रदेश से मानसून विदा होने के आसार हैं।
राजगढ़ 75
पांवटा साहिब 71
देहरागोपीपुर 54
नादौन 51
सोलन 49
पच्छाद 48
कंडाघाट 45
नाहन 41
घुमारवीं 35
हमीरपुर 29
धर्मशाला 28
शिमला 21
ऊना 20
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान पहली जून से 30 सितंबर तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि के दौरान प्रदेश में सामान्य बारिश 763 मिलीमीटर मानी गई है, जबकि अभी तक 686 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला और ऊना जिला में सामान्य से ज्यादा बादल बरसे हैं।
बिलासपुर में सामान्य से 27 फीसदी, हमीरपुर में 13, कुल्लू में 11, शिमला में 6 और ऊना में 9 फीसदी ज्यादा बारिश रिकार्ड हुई है। चंबा में सामान्य से 45 फीसदी, कांगड़ा में 18, किन्नौर में 52, लाहौल-स्पीति में 56, मंडी में 12, सिरमौर में 15 और सोलन में 14 फीसदी कम बारिश हुई है। सितंबर में प्रदेश भर में सामान्य से 28 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।
केलांग 5.2
कल्पा 9.8
कुफरी 10.0
मनाली 10.8
डलहौजी 11.7
शिमला 12.9
पालमपुर 15.5
चंबा 16.0
भुंतर 16.3
धर्मशाला 16.4
सोलन 16.5
मंडी 17.1
कांगड़ा 18.0
सुंदरनगर 18.9
ऊना 20.0
हमीरपुर 20.1
बिलासपुर 20.4