चिट्टा हमारे बच्चों की मुस्कान छीन रहा है, युवाओं के सपने जला रहा: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तो अपना काम कर ही रही है लेकिन नशे, चिट्टे के खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। चिट्टा के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने चेताया कि चिट्टा माफिया काले कारोबार को छोड़ दें, नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार रहें। नशे की तस्करी पर आजीवन कारावास, 10 लाख तक जुर्माना लगाया जाएगा। कहा कि जल्द ही 100 एंटी चिट्टा वालंटियरों भर्ती किए जाएंगे। इन्हें सरकार प्रोत्साहन राशि देगी। चिट्टा एक जहर नहीं, हमारी प्रदेश की आत्मा पर हमला है। चिट्टा हमारे बच्चों की मुस्कान छीन रहा है, युवाओं के सपने जला रहा, परिवारों की खुशियां तोड़ रहा, प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है। यह जहर न केवल नसों में नहीं चढ़ता, यह पूरे समाज की रगों को जलाने लगता है। यह एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और पीढ़ियों को तबाह कर देता है।
'यह प्रदेश के लोगों की पुकार और हिमाचल की अस्मिता का युद्ध'
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा मुक्त हिमाचल महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह एक जन आंदोलन, प्रदेश के लोगों की पुकार और हिमाचल की अस्मिता का युद्ध है। इसका स्वर इतना शक्तिशाली होगा कि इसकी गूंज पहाड़ों से टकरा कर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष में सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि स्कूल अब शिक्षा के केंद्र ही नहीं बल्कि संस्कार और सुरक्षा के किले बनेंगे। इन किलों से एक नई पीढ़ी निकलेगी जो चिट्टा नहीं चेतना लेकर चलेगी। सुक्खू ने कहा कि इस आंदोलन में माताएं हमारी रीढ़ होंगी क्योंकि जब मां जागती है तो पूरा समाज संभल जाता है, जाग जाता है। इस चिट्टे की लड़ाई में महिलाएं मां दुर्गा का रूप धारण कर चिट्टे के तस्करों का नाश करेंगी। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं से भी चिट्टे के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग देवभूमि में चिट्टे के अंत का संदेश देंगे तो इसके समूल नाश को कोई भी रोक नहीं पाएगा।
चिट्टा तस्करों के लिए अब कोई जगह नहीं: सीएम
मुख्यमंत्री ने प्रहारक शब्दों में कहा कि जो लोग चिट्टा बेचते हैं, जो बच्चों के भविष्य को जहर देते हैं, जो घर बर्बाद करते हैं उन्हें बचाने के लिए इस देवभूमि में अब कोई जगह नहीं बची है। हमारी पुलिस तैयार है, हमारी सरकार तैयार है और सबसे महत्वपूर्ण जनता तैयार है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा हिमाचल बनाना चाहते हैं, जहां चिट्टे का नाम सिर्फ इतिहास की किताबों में लिखा जाए, एक खत्म हो चुकी बुराई की तरह। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा हमारी सभ्यता, हमारे संस्कार और हमारे भविष्य को चुपचाप चोट पहुंचा रहा है। इसके खिलाफ पूर्ण निर्णायक और असंभव को संभव बनाने वाले जन आंदोलन का आज आगाज हो चुका है।
नशे के खिलाफ तीन बिंदुओं पर काम करना शुरू किया
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ तीन बिंदुओं पर काम करना शुरू किया है। पहला, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना, दूसरा नशे के दल-दल में जाने से युवाओं को रोकने के लिए नशा माफिया पर कार्रवाई करना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को और ताकत देना ताकि वह नशा माफिया के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि तीसरे बिंदु के तहत चिट्टे की चपेट में आए बच्चों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिट्टे के दल-दल में फंसे युवा अपराधी नहीं है बल्कि उन्हें ईलाज, प्यार और पुनर्वास की जरूरत है।
चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई: सुक्खू
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। चिट्टे के काले कारोबार में चाहे कोई भी शामिल हो, वह कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम लागू किया है, जिसके माध्यम से बार-बार चिट्टे की तस्करी में शामिल व्यक्तियों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जा रहा है। नशे के आदी व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास और नशे सहित संगठित अपराध को रोकने के लिए नए विधेयक पारित किए गए हैं। इनमें नशा तस्करों को मृत्युदंड, आजीवन कारावास, 10 लाख रुपये तक जुर्माना और नशा माफिया की संपत्ति जब्त करने के प्रावधान शामिल हैं।
एक हजार एंटी चिट्टा स्वयं सेवियों की टीम तैयार होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही एक हजार एंटी चिट्टा स्वयं सेवियों की टीम तैयार करने जा रही है, जो पुलिस और आम जनता के बीच एक कड़ी के रूप में काम करेंगे। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि चिट्टे का सेवन करने वालों और चिट्टा माफिया की मैपिंग पंचायत स्तर तक की जाए। इस कार्य को पूर्ण किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने नशामुक्ति रोकथाम एवं पुनर्वास बोर्ड गठित किया है और मादक पदार्थों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में नया अध्याय शुरू किया जाएगा।
वॉकथॉन के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और लोगों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने वॉकथॉन के आयोजन के लिए पुलिस विभाग और सहभागियों की सराहना की। वॉकथॉन संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसमें हिस्से लेने वाले विद्यार्थियों और विभिन्न लोगों से संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को चिट्टे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान चिट्टा के कारण अपना बेटा को खो चुके अभिभावकों से भी बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधवाया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, महापौर सुरेंद्र चौहान, विभिन्न बोर्ड व निगम के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत व श्याम भगत नेगी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, महाधिवक्ता अनूप रतन, नगर निगम के पार्षद, प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने वॉकथॉन में भाग लिया।
शिमला शहर में लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, लोग परेशान
एंटी-चिट्टा वॉकथॉन का आयोजन ऐतिहासिक रिज से लेकर चौड़ा मैदान तक किया गया। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। इसके चलते चौड़ा मैदान सड़क बंद कर दी है। इससे शहर में लंबा जाम लग गया। लोग दो घंटे से अधिक समय से जाम में फंसे रहे। शहर में करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ओल्ड बसस्टैंड से समरहिल और घोड़ाचौकी तक लंबा जाम लगा।