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बंपर वोटिंग ने उड़ाए कई नेताओं के होश

Thu, 08 May 2014 01:09 AM IST
राजेश मंढोत्रा/ अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में बंपर वोटिंग से राजनीतिक दल असमंजस में हैं। कई नेताओं के होश उड़ गए हैं। कांग्रेस और भाजपा इसे अपनी हवा बता रहे हैं लेकिन वोट प्रतिशत का ट्रेंड कुछ और कह रहा है। प्रदेश्ा में 65.35 मतदान हुआ है।
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वोटिंग प्रतिशत से बहुत-सी बातें साफ हो जाती हैं। हिमाचल में कई हलके अलग-अलग दलों के गढ़ माने जाते हैं। इन गढ़ों से नेता अपनी लीड जोड़ते हैं। कई दलों के अपने गढ़ में कम वोटिंग हुई। यानी इस बार उन्हें उस हलके से उतनी लीड नहीं मिलने वाली जितनी की उम्मीद की जा रही थी।

आंकडे देखिए और खुद उसका अर्थ निकलिए। इस बार ऊना, सिरमौर, हमीरपुर और किन्नौर में औसत से ज्यादा वोटिंग हुई है। ऊना के हरोली में सबसे ज्यादा 74 फीसदी मतदान हुआ। सबसे कम मतदान मंडी के करसोग में करीब 54 फीसदी हुआ है।
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शिमला, कुल्लू, चंबा और लाहौल स्पीति में औसत से कम वोट पड़े हैं। बुधवार शाम तक के आंकड़ों के मुताबिक कांगड़ा में लगभग 64.80 फीसदी, लाहौल स्पीति में 61.94, कुल्लू में 62.17, मंडी में 64.03, हमीरपुर में 69.16, ऊना में 71, बिलासपुर में 67.02, सोलन में 67.00, सिरमौर में 70.00, शिमला में 59.40 और किन्नौर में लगभग 67.82 प्रतिशत वोट पड़े हैं।

एक तथ्य ये भी है कि इससे पहले केवल 1998 के लोकसभा चुनाव में मत प्रतिशत 65 फीसदी से ऊपर गया था। उस समय शिमला को छोड़ शेष तीनों सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। सुजानपुर विधानसभा उपचुनाव में लगभग 71 फीसदी मतदान हुआ है।

कांग्रेस और भाजपा के दावे
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने कहा है कि इतना भारी मतदान कांग्रेेस के पक्ष में हुआ है। हिमाचल साक्षर प्रदेश है। यहां का मतदाता मत के महत्व को जानता है।

भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इसे नरेंद्र मोदी की लहर का करिश्मा बताया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता ने यूपीए सरकार के खिलाफ अपने गुस्से को वोट के जरिए प्रदर्शित किया है। भाजपा अब चारों सीटें जीतेगी।
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