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Shimla News: सचित्र... ओवरटेक करने पर विवाद, वोल्वो बस चालक को किया लहूलुहान, 4 घंटे ठप रहा संचालन

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-शिमला के घोड़ाचौकी की घटना, चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े एचआरटीसी कर्मी
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-फरार दो लोगों को ठियोग में पकड़ने के बाद एचआरटीसी यूनियन ने बहाल की बस सेवाएं
-चालक-परिचालक यूनियन की मांग, डॉक्टरों की तर्ज पर मेडिपर्सन एक्ट के दायरे में लाए सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दिल्ली से रोहड़ू जा रही एचआरटीसी की वोल्वो बस के चालक की बेरहमी से मारपीट की घटना के बाद रविवार को एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन का गुस्सा फूट पड़ा। यूनियन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब चार घंटे तक बस सेवाएं प्रभावित रखीं। बाद में घटना में शामिल दो फरार आरोपियों को ठियोग से गिरफ्तार किए जाने के बाद बस सेवाएं बहाल की गईं।
घटना रविवार तड़के घोड़ाचौकी और तारादेवी क्षेत्र के समीप हुई। जानकारी के अनुसार दिल्ली से रोहड़ू जा रही वोल्वो बस के चालक ने हरियाणा नंबर की एक गाड़ी को ओवरटेक किया था। इसी बात से नाराज होकर पंचकूला, हरियाणा के चार युवक और एक महिला तैश में आ गए। आरोपियों ने अपनी गाड़ी वोल्वो के आगे लगाकर बस रुकवाई और चालक को नीचे खींचकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर पर छह टांके लगाने पड़े। घटना का वीडियो भी मौके पर मौजूद लोगों ने बनाया, जो बाद में तेजी से वायरल हुआ। घटना के बाद दो आरोपी फरार हो गए थे। बालूगंज पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जबकि फरार दो अन्य आरोपियों को ठियोग पुलिस ने पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने चारों आरोपियों पंकज कुमार, विकास कुमार, प्रतिभा और विक्की कुमार निवासी गांव अभयपुर, पंचकूला (हरियाणा) के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उधर, घटना के विरोध में एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने कहा कि निगम के चालक और परिचालक लगातार जोखिम भरे माहौल में काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई विशेष कानूनी प्रावधान नहीं है। यूनियन ने मांग उठाई कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए लागू मेडिपर्सन एक्ट की तर्ज पर परिवहन कर्मचारियों को भी विशेष सुरक्षा कानून के दायरे में लाया जाए। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों का संचालन रोककर आंदोलन तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं ने चालक-परिचालकों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यूनियन का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उधर, एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि एचआरटीसी चालक से मारपीट के मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जांच जारी है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अब तक हुईं घटनाएं
1. बीते दिनों में जोगिंद्रनगर में कंडक्टर ने युवक से स्कूटी किनारे हटाने का अनुरोध किया। मामूली बात पर युवक भड़क गया और उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपी युवक ने फोन करके अपने कुछ साथियों को भी मौके पर बुला लिया और सबने मिलकर परिचालक के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
2. दिल्ली से मनाली जा रही परवाणू डिपो की बस जब मंडी बस स्टैंड पर रुकी, तो दो युवकों ने जबरन बस में घुसकर सवारियों से दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। जब चालक और परिचालक ने उन्हें यात्रियों को परेशान करने से रोका, तो युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी वर्दी फाड़ दी।
3. सिरमौर के चुरवाधार में कार सवार व्यक्तियों ने साइड न मिलने पर बीच सड़क पर बस रुकवाई। आरोपियों ने गुंडागर्दी करते हुए ड्राइवर की खिड़की खोलकर ऑन-ड्यूटी चालक के साथ हाथापाई की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई।
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4. सोलन के पुराना बस स्टैंड में एचआरटीसी और निजी (प्राइवेट) बस स्टाफ के बीच टाइम टेबल को लेकर टकराव हुआ। एचआरटीसी का चालक बात करने नीचे उतरा, तो निजी बस के स्टाफ ने डिक्की खोलने वाले औजार/चाबी से एचआरटीसी चालक के सिर पर वार कर दिया था। बीच-बचाव करने आए परिचालक को भी चोटें आई थीं।
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