ऊना नगर के प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर में शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में झंड़ा चढ़ाने की रस्म के साथ ही 66 वां वार्षिक महोत्सव शुरू हो गया।
विश्वकर्मा दिवस के चलते सुबह-सवेरे ही दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो चुका था। विश्वकर्मा मंदिर में 66वां धार्मिक वार्षिक उत्सव में प्रदेश एवं बाहरी राज्यों से आए प्रसिद्ध कलाकारों, कथावाचकों ने भगवान विश्वकर्मा की महिमा का गुणगान कर श्रद्धालुओं को भक्ति सागर में गोता लगवाया।
मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित वार्षिक उत्सव में प्रदेश के बिलासपुर जिला के धलेट गांव से संबंधित भजन गायक एवं कथावाचक गुरदेव सिंह ने भगवान विश्वकर्मा की आरती के साथ वार्षिक उत्सव का आगाज किया।
गायक गुरदेव सिंह ने बाबा विश्वकर्मा दी हो रही जयजय-कार, धन गुरू विश्वकर्मा जग नू तारन आये भजन के साथ ही भगवान विश्वकर्मा जी की कथाओं के जरिए श्रद्धालुओं को भगवान विश्वकर्मा के जीवन के बारे में बताया।
कार्यक्रम में सहारनपुर (उत्तरप्रदेश) से प्रसिद्ध कथावाचक ब्रहम् ऋषि मदन लाल मदन, प्रदेश के बिलासपुर जिला के धलेट से भगत गुरदेव, नवांशहर (पंजाब) ज्ञानी मंगल सिंह विरदी एवं करावर वालियां बीवीयां दा रागी ढ़ाडी जत्था, नूरपुरबेदी (पंजाब) से टीवी कलाकार मिंटु एंड पार्टी म्युजिकल ग्रुप अपनी कला के जरिए भगवान विश्वकर्मा की महिमा का गुणगान किया।
मंदिर परिसर में मंदिर कमेटी के युवा सदस्यों की ओर से हस्तनिर्मित आकर्षक झांकियों की प्रर्दशनी भी लगाई गई। सालाना कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के प्रधान चरन सिंह मान, महासचिव भजन सिंह मान, जीत सिंह मान, विशन सिंह, प्रीतम सिंह, मस्तान सिंह मान, बलबीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, दलजीत सिंह मान सहित मंदिर कमेटी के दूसरे पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।
विश्वकर्मा उत्सव पर श्रद्धालुओं एवं व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर के बाल बरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।