यदि उन्होंने इस सम्मेलन में शिरकत की तो करीब डेढ़ साल बाद मंडी के भ्यूली के मंच पर पंडित सुखराम और वीरभद्र दोबारा एक साथ दिखेंगे जहां पिछली बार वीरभद्र की आया राम गया राम की टिप्पणी के बाद बवाल खड़ा हुआ था। इसके बाद सुखराम परिवार कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुआ था।
नौ अप्रैल के कांग्रेस के जरनल हाउस में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी गुरकीरत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय क्षेत्र के प्रभारी राजीव गंभीर सहित पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, सभी मोर्चों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी भाग लेंगे।
वीरभद्र आए तो हमारे लिए सौभाग्य की बात
जिला कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने मंडी में प्रेसवार्ता में कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और जिला प्रभारी विक्रमादित्य को न्योता भेजा गया है। पूर्व सीएम की व्यस्तता के चलते उनके आने पर संशय था। सम्मेलन में अगर वह आते हैं तो यह हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है।
विक्रमादित्य ने फेसबुक पर यूं जताई नाराजागी
मंडी बैठक में मंडी के पांच बार के सांसद, केंद्रीय मंत्री व छह बार के मुख्यमंत्री का नाम न होना पार्टी शुभचिंतकों के लिए चिंता का विषय है। हमारा एकमात्र लक्ष्य मंडी और तीनों संसदीय क्षेत्रों में पार्टी की जीत दर्ज करवाना है। इस टिप्पणी के साथ ही विक्रमादित्य ने 3 अप्रैल को जारी जिला कांग्रेस कमेटी की विज्ञप्ति को भी अटैच किया है।