पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्य प्रशासनिक प्राधिकरण को बंद करने के राज्य सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्राधिकरण से कर्मचारियों को शीघ्र एवं कम खर्च पर न्याय मिलता था। सरकार को इसे सुदृढ़ करना चाहिए था और रिक्त पदों को भरना चाहिए था।
लेकिन सरकार ने इसे बंद करके अपना कर्मचारी विरोधी रवैया दर्शा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे में मजीठा हाउस में राज्य प्रशासनिक प्राधिकरण कार्यालय को स्थापित करने के लिए खर्च किए गए लाखों रुपये व्यर्थ हो जाएंगे।
प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को अपने हक के लिए अब हाईकोर्ट जाना पड़ेगा। राज्य प्रशासनिक प्राधिकरण का सर्किट बैंच धर्मशाला और मंडी जाकर मामलों का निपटारा करता था। लेकिन अब दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को काफी दिक्कत होगी।