मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उनकी स्वीकृति के बिना चिकित्सकों के तबादले नहीं होंगे। वर्तमान में लोगों ने चिकित्सा व्यवसाय को धन अर्जित करने का साधन बना दिया है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि चिकित्सकों के स्थानांतरण और तैनाती से पहले वे उनसे स्वीकृति प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा, चिकित्सकों की दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री जुन्गा दौरे में अश्वनी खड्ड पर डबल लेन पुल निर्माण और आईटीआई के भवन की आधारशिला रखने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ उनके तैनाती वाले स्थान पर अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात चिकित्सकों के लिए नीति बनाएगी। चिकित्सकों को इस व्यवसाय को केवल आय अर्जित करने का साधन नहीं मानना चाहिए। उन्हें पीड़ित मानवता की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जुन्गा स्थित अस्पताल में रिक्त पड़े चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों को चौबीस घंटे में भरने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने 10 अग्निशमन चौकियाें के लिए रवाना किए फायर टेंडर
दूरदराज के इलाकों में अब आग लगने की स्थिति में तुरंत काबू पाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को राजधानी के सीटीओ चौक से प्रदेश में पिछले एक साल में खोली गई दस अग्निशमन चौकियों को आधुनिक फायर टेंडर रवाना किए। अब प्रदेश की दूरदराज क्षेत्र में खोली गई चौकियां एक-एक क्यूआरवी और एक-एक 4500 लीटर की क्षमता के और तेल, पेट्रोल, डीजल, गैस के साथ हर तरह की आग को बुझाने में सक्षम वाटर टेंडर से लैस हो गईं हैं।
इससे दुर्गम क्षेत्र के लोगों की जानमाल की सुरक्षा हो सकेगी। आग की घटनाओं पर समय से काबू पाना आसान हो जाएगा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि चंबा, शिमला, कांगड़ा सहित प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में अधिकतर लकड़ी के मकान बने हैं। फायर चौकियों में इन आधुनिक अग्निशमक वाहनों के पहुंचने पर संपत्ति और लोगों की सुरक्षा हो सकेगी।
मौके पर महानिदेशक गृह रक्षा एवं निदेशक अग्निशमन सेवाएं एसआर मरड़ी, उप महानिदेशक अनुज तोमर, सीनियर स्टाफ आफिसर अरविंद पराशर और आदेशक प्रशिक्षक राकेश भारद्वाज व मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेसी शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान अनुदेशक तृतीय वाहिनी गृह रक्षा बलदेव कंवर ने जवानों के साथ मुख्यमंत्री को गार्ड आफ ऑनर दिया।
प्रदेश में 149 हो गए वाटर टेंडर
जेसी चौहान ने बताया कि पूरे प्रदेश में अब 22 फायर स्टेशन और 25 फायर चौकियां हो गई है। इनमें वाटर टेंडर की संख्या 139 से बढ़कर 149 हो गई है। इन नए वाहनों में पोर्टेबल पंप, तेल, बिजली हर तरह की आग बुझाने के उपकरण लगाए गए हैं। चौकियों को संचालित करने को 80 गृह रक्षकों को स्वीकृति भी सरकार से मिली है।
इन फायर चौकियों को भेजे वाहन
चंबा जिला की फायर चौकी चुराह, कांगड़ा के जयसिंहपुर, नगरोटा बगवां, ज्वाली, शिमला के चौपाल और कुमारसैन, कुल्लू की आनी चौकी, सोलन के अर्की और ऊना के टाहलीवाल को नए फायर टेंडर भेजे गए हैं।
28 जून को सीएम करेंगे केएनएच के नए भवन का उद्घाटन
कमला नेहरू अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन 28 जून को सुबह ग्यारह बजे होगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोक निर्माण विभाग को भवन निर्माण का कार्य जल्द पूरा करने की बात कही है। इस दौरान उन्होंने धीमी गति के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि वह इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए दिन रात काम करे।
लोगों को भी भवन के उद्घाटन को लेकर सूचित करने के लिए यहां बोर्ड लगाने की बात कही। इस मौके पर कसुम्पटी विधायक अनिरुद्ध सिंह और वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी समेत अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलएस चौधरी, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाष सहित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ यहां मौजूद रहा।
ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर में खुले कॉफी और स्नेक्स काउंटर
शिमला। मुख्यमंत्री के केएनएच पहुंचने के दौरान आरडीए डॉक्टरों ने ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर में डॉक्टरों की सुविधा के लिए कॉफी और स्नेक्स काउंटर खोलने की मांग की गई। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अजय जरयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग सुनी और अस्पताल के एमएस को समाधान करने की बात कही।