मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि युवा शिक्षा के साथ बुजुर्गों और माता-पिता का भी सम्मान करें। शिक्षित होने के बाद जो व्यक्ति माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते, वे पशु के समान हैं। कहा कि सत्ता में रहकर उन्होंने प्रदेश में सबसे अधिक शिक्षण संस्थान खोले हैं।
वर्तमान में 114 सरकारी कॉलेज हैं। स्कूलों की संख्या 15,500 है। प्रदेश में कई निजी विश्वविद्यालय पैसा बनाने की मशीन बने हुए हैं। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और बिजली उत्पादन पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रामपुर कॉलेज में यूथ फेस्टिवल के समापन पर बोल रहे थे।
कहा कि उन्होंने शिक्षण संस्थान खोलने में दिलेरी दिखाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के लिए कॉलेज खोले जा रहे हैं। रामपुर और सोलन के लिए उन्होंने जहां के लोग फंड ज्यादा जुटाएंगे, वहां कॉलेज खोलने की बात कही थी। रामपुर क्षेत्र के लोगों ने अधिक धन जमा कर बाजी मारी।
सोलन के लोगों ने धन एकत्रित नहीं किया, लेकिन वहां भी कॉलेज खोला। उन्होंने रामपुर जीबी पंत कॉलेज को स्नातकोत्तर का दर्जा देने की घोषणा की। कहा कि कॉलेज में सभी संकायों के स्नातकोत्तर कोर्स होंगे। अधिसूचना जारी होने के बाद यूजीसी से ग्रांट मिलना शुरू हो जाएगी।
कहा कि सरकार ने प्रदेश में मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम खोले हैं। एम्स के लिए बिलासपुर में जमीन दी है। सीपीएस नंदलाल ने कहा कि सरकार की शिक्षा क्षेत्र के विस्तार में अहम भूमिका है। प्रदेश युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य ने कहा कि युवा कांग्रेस कॉलेज की समस्याओं को सरकार से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि सेना के शहीदों की का आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखवाया।
भारत माता की जय
मुख्यमंत्री ने भाषण खत्म करते ही वहां मौजूद सभी लोगों से कहा कि वे खड़े हो जाएं और भारत माता माता की जय बोलें। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ सभी लोगों ने तीन बार भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय बोला।